कौशाम्बी–
जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल की अध्यक्षता में आज उदयन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई।
जिलाधिकारी ने चिकित्सकों एवं अन्य स्टॉफ की उपस्थिति की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी एवं सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी चिकित्सक एवं स्टाफ निर्धारित समय पर अस्पतालों में उपस्थित रहें तथा मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने उप स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी को आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कराने तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विगत माह हुई मातृ मृत्यु एवं नवजात शिशु मृत्यु के कारणों की जानकारी प्राप्त करते कहा कि मातृ एवं नवजात शिशु मृत्यु को रोकने के लिए सभी स्तरों पर विशेष सतर्कता एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा मृत्यु दर को शून्य करने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। इस दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी मंझनपुर, नेवादा एवं सराय अकिल से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने परिवार कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 102 एवं 108 एम्बुलेंस सेवाओं तथा ए.एन.सी. रजिस्ट्रेशन की स्थिति की समीक्षा के दौरान आवश्यक सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान ड्यूलिस्ट के अनुसार छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उनका शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में भी अपेक्षित प्रगति लाने पर विशेष जोर दिया।

जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की प्रगति अपेक्षित न पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-कवच पोर्टल पर फीडिंग कार्य में लापरवाही पाए जाने पर डीपीएम का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को समय से भुगतान सुनिश्चित करते हुए शत-प्रतिशत प्रगति लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिन्हित जन्मजात दोष से ग्रसित बच्चों के उपचार की समीक्षा के दौरान सभी चिन्हित बच्चों का शीघ्र उपचार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. हरिओम सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।









