कौशाम्बी–
मंझनपुर मुख्यालय स्थित एक रेस्टोरेंट में शुक्रवार को लगभग 2 बजे जेसीबी यूनियन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जेसीबी संचालकों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा। यूनियन पदाधिकारियों का कहना था कि ईंट भट्ठा संचालक शासन के नियमों के तहत रॉयल्टी जमा कर खनन की अनुमति प्राप्त करते हैं, लेकिन इसके बावजूद मिट्टी की निकासी और परिवहन में लगातार बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जब खनन और परिवहन से संबंधित सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाती हैं, तब भी वाहनों को रोका जाना और कार्रवाई की आशंका बनाए रखना कारोबारियों व श्रमिकों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। इससे भट्ठा उद्योग से जुड़े लोगों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो रही है।
मुख्य अतिथि अवधेश नारायण शुक्ल ने कहा कि वैध कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उन्होंने जेसीबी संचालकों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और समाधान का प्रयास करने का आश्वासन दिया। बैठक में मौजूद लोगों ने प्रशासन से स्पष्ट नीति और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई।
बैठक में विजय तिवारी, रामू, संजय मौर्य, दीपक पासी, बीरेंद्र पाल, संदीप पटेल, मोनू यादव समेत बड़ी संख्या में जेसीबी संचालक एवं यूनियन सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में अपनी समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो यूनियन आगे की रणनीति तय करने को बाध्य होगी।








