कौशाम्बी-
मंझनपुर में शुक्रवार दोपहर 2 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से पुरुष नसबंदी पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संजय कुमार ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली मुख्य चौराहे तक भ्रमण कर वापस पीएचसी पर समाप्त हुई। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि इस पखवाड़े का मुख्य लक्ष्य समाज में नसबंदी को लेकर व्याप्त गलत धारणाओं को दूर करना है। उन्होंने कहा कि पुरुष नसबंदी के प्रति लोगों का रुझान कम है, जबकि सरकार इसके लिए 2000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान करती है। यह कार्यक्रम 4 दिसंबर तक चलेगा। डॉ. कुमार ने वैवाहिक प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार और स्वस्थ व खुशहाल परिवार के निर्माण के लिए पुरुषों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरुष नसबंदी एक सुरक्षित, सरल और महिलाओं की नसबंदी की तुलना में कम जोखिम वाली प्रक्रिया है।
उन्होंने आगे बताया कि पुरुष नसबंदी में कम संसाधनों की आवश्यकता होती है और यह कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है। इस प्रक्रिया का पुरुषों के स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है।स्वास्थ्य विभाग पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं की तुलना में अधिक प्रोत्साहन राशि देता है। पुरुष नसबंदी कराने पर 2000 रुपये दिए जाते हैं, जबकि महिला नसबंदी पर 1400 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलती है।विभाग का उद्देश्य पुरुषों की झिझक को दूर कर उन्हें परिवार नियोजन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना है, ताकि परिवार नियोजन के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।








