लोकसभा चुनाव 2024: बागपत में 47 साल बाद गैर चौधरी परिवार के प्रत्याशी को जिताने की बड़ी चुनौती

लोकसभा चुनाव 2024: बागपत में 47 साल बाद गैर चौधरी परिवार के प्रत्याशी को जिताने की बड़ी चुनौती

देश को पांचवां प्रधानमंत्री और तीन केंद्रीय मंत्री देने वाली वीआईपी सीट बागपत लोकसभा पर 47 साल बाद गैर चौधरी परिवार से प्रत्याशी डॉ. राजकुमार सांगवान एनडीए (रालोद-भाजपा) गठबंधन से चुनाव लड़ रहे हैं। 47 साल में ऐसा पहली बार हुआ जब इस सीट से किसान मसीहा एवं भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के परिवार से कोई चुनाव नहीं लड़ रहा है।

रालोद ने इस सीट से डॉ. राजकुमार सांगवान को प्रत्याशी बनाया है। चौधरी चरण सिंह को तीन बार और उनके पुत्र चौधरी अजित सिंह को 6 बार जिताकर संसद भेजने वाले बागपत के वोटरों के सामने इस बार एनडीए गठबंधन प्रत्याशी डॉ. राजकुमार सांगवान को संसद भेजने की बड़ी चुनौती है। रालोद सुप्रीमो चौधरी जयंत सिंह और भाजपा की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।

भाजपा-रालोद की दोस्ती की कड़ी परीक्षा

पहले चरण के चुनाव में भाजपा और रालोद की परीक्षा होने के बाद अब दूसरे चरण के चुनाव में भी कड़ी परीक्षा होने जा रही है। दूसरे चरण में बागपत, मेरठ-हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, अमरोहा, मथुरा, बुलंदशहर और अलीगढ़ सीट पर चुनाव होने जा रहा है। इनमें अधिकतर सीट जाट बाहुल्य होने के चलते रालोद की अग्नि परीक्षा होगी। दूसरे सियासी दलों की भी इस पर कड़ी नजर है।

बागपत सीट पर कब कौन जीता

बागपत सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार का दबदबा रहा है। इस सीट के इतिहास पर नजर डालें तो 1998 के लोकसभा चुनाव को छोड़कर 1977 से 2014 तक लगातार इस सीट से पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और उनके पुत्र पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह जीतते रहे। चौधरी चरण सिंह इस सीट से 1977, 1980 और 1984 में जीते। इसके बाद उनके पुत्र चौधरी अजित सिंह 1989 में यहां से पहली बार सांसद बने। इसके बाद उन्होंने 1991, 1996, 1999, 2004 और 2009 में विजय हासिल की। 2014, 2019 में यहां भाजपा के डॉ. सत्यपाल सिंह ने चौ. अजित सिंह और चौधरी जयंत सिंह को हराया।

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Author: Up Head Line

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