सरकारी राशन की दुकान से किराने का सामान जबरन दे रहे कोटेदार

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सरकारी राशन की दुकान से किराने का सामान जबरन दे रहे कोटेदार

♣नेवादा विकास खंड के पेरई गांव के कोटेदार पर कार्डधारकों ने जबरन सामान देने का लगाया आरोप

रिपोर्ट: शब्बर अली

तहसील चायल इलाके के कोटेदारों पर कार्डधारकों ने राशन के साथ जबरन पैसा लेकर डिटर्जेंट पाउडर आदि सामान देने का आरोप लगाया है। कार्ड धारकों का आरोप है कि बिना डिटर्जेंट पाउडर आदि सामान लिए कोटेदार कार्डधारकों को राशन नहीं दे रहे हैं। कार्डधारकों ने बताया कि जबरन का यह खेल केवल कुछ कोटेदार ही कर रहे हैं। राशन देने के बदले कार्ड धारकों से जबरन पैसा लेकर उन पर डिटर्जेंट पाउडर आदि सामान थोपा जा रहा है। कार्ड धारकों ने कोटेदार के दुकान की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।


कोटेदार की माली हालत बेहतर बनाने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से दैनिक उपयोग की वस्तुएं बेचने के लिए सरकार ने अनुमति दे दी है। वह दैनिक उपयोग के घरेलू सामान बाजार से खरीदकर अपने कार्डधारकों को दे सकते हैं। इसकी आड़ में कोटेदारों ने सामान बेचने के नाम पर रेट मनमाने निर्धारित कर दिए हैं। एक किलो डिटर्जेंट पाउडर, दो साबुन व एक किलो नमक के लिए सौ रुपये की रकम ले रहे हैं। इस बार अप्रैल में उपभोक्ताओं को गेहूं व चावल ही बांटा गया। उसके साथ सौ रुपये का घेरलू सामान जरुर जोड़ दिया गया, जो रुपये लेकर नहीं गए। उन्हें बिना राशन लौटना पड़ा। नई व्यवस्था से राशनकार्ड धारक भी काफी परेशान हैं। नेवादा विकास खंड के पेरई गांव के कार्डधारकों का कहना है कि सरकार के निर्देश राशन उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रहे हैं। कोटेदार राशन देने के लिए उपभोक्ता पर बाजार की घरेलू उपयोग वाली वस्तुएं भी लेने का जबरन दबाव बना रहे हैं। कोटेदार गेहूं, चावल के साथ घरेलू सामान के नाम पर साबुन, नकम और डिटर्जेंट पाउडर बेच रहे हैं। सामान नहीं लेने पर राशन नहीं देने का दबाव बनाते हैं।
————-
इनका कहना है
सरकारी राशन की दुकानों में दैनिक उपयोग की वस्तुओं को बेचने का शासन से निर्देश मिले हैं। इसमें कोटेदारों को अपने पास से धन लगाकर दुकान खोलनी होगी। इस योजना से लोगों को कई तरह के फायदे होंगे और कोटेदारों की आमदनी भी बढ़ेगी। यह सामान सरकार के नहीं है। जबरन कार्डधारकों को सामान नहीं दिया जाएगा।
रेनू द्विवेदी, आपूर्ति निरीक्षक चायल

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें