राज्यपाल ने आंगनवाड़ी केंद्र पहुँच कर बच्चो को किट वितरण किया

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कौशाम्बी

राज्यपाल जी ने जनपद कौशाम्बी के 120 ऑगनबाड़ी केन्द्रों को सुविधा सम्पन्न तथा बच्चों के लिए आकर्षक बनाये जाने के लिए आवश्यक वस्तुओं की किट (बच्चां के लिए खिलौना, साइकिल, कुर्सी एवं मेज आदि) ऑगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किया वितरित


प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल जी ऑगनबाड़ी केन्द्र-थुलगुला पहुॅचकर बच्चों से संवाद किया तथा बच्चों को चॉकलेट एवं शिक्षण सामग्री वितरित किया। मा0 राज्यपाल जी को ऑगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों ने गीत सुनाया। मा0 राज्यपाल जी ने रसोई घर का निरीक्षण कर मीनू के अनुसार बच्चां को भोजन दिये जाने की जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन दिया जाय। उन्हांने विकसित भारत संकल्प यात्रा के अन्तर्गत लगाये गये स्टॉलों के अवलोकन के दौरान आवश्यक जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि पात्र लोगों का पंजीकरण कर योजना से लाभान्वित किया जाय, कोई भी पात्र व्यक्ति छूटने न पायें। उन्हांने आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड भी वितरित किया।
मा0 राज्यपाल जी ने जनपद कौशाम्बी के 120 ऑगनबाड़ी केन्द्रों को सुविधा सम्पन्न तथा बच्चों के लिए आकर्षक बनाये जाने के लिए आवश्यक वस्तुओं की किट (बच्चां के लिए खिलौना, साइकिल, कुर्सी एवं मेज आदि) ऑगनबाड़ी कार्यकत्रियों को वितरित किया। इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालय नेंदुरा की छात्राओं ने स्वागत गीत भी प्रस्तुत किया।
मा0 राज्यपाल जी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज का कार्यक्रम एक ऐतिहासिक भूमि पर आयोजित हुआ है। उन्हांने कहा कि ऑगनबाड़ी केन्द्र में छोटे-छोटे बच्चें आते है, जो गरीब परिवार से होते हैं। 03 से 06 वर्ष के बच्चें इसमें पढ़ते है। समय-समय पर बच्चां को वैक्सीन लगाया जाता है, जो बच्चों को बीमारियां से बचाता है। छोटे-छोटे बच्चें खेल से प्रिय होते हैं। ऑगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चां को पौष्टिक आहार मिलता है। उन्हांने कहा कि शिक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण है, शिक्षा का मकसद जीवन कैसे व्यतीत करना है, पारिवारिक सम्बन्ध कैसे अच्छा रखना है एवं हम जो व्यवसाय करतें ह यथा-चाहे खेती हो या पशुपालन या अन्य कोई व्यवसाय करतें है, इस व्यवसाय से आपकी आय में कैसे और वृद्धि हो, जीवन में समृद्धि आये, यह शिक्षा हमें सिखाता है, यह समझ देने के लिए हमें अपने बेटों एवं बेटियों को शिक्षा प्रदान करना चाहिए। 03 वर्ष पूर्ण कर चुका बच्चा ऑगनबाडी जाये तथा 06 वर्ष पूर्ण कर चुका बच्चा पहली कक्षा में प्रवेश लें, कोई बच्चा छूटना नहीं चाहिए, इस पर विशेष ध्यान देना है। हमारा संविधान यह कहता है कि 14 वर्ष तक के बच्चें को शिक्षा अनिवार्य रूप से मिलना चाहिए, यदि नहीं मिलता है तो माता-पिता को सजा हो सकतीं है,यह हमारा संविधान कहता है। यह नहीं कहना चाहिए कि मैं नहीं पढ़ी हॅू तो अपने बच्चों को नहीं पढ़ाऊॅगी, ऐसी चर्चायें माता-पिता बच्चों के सामने अक्सर करतें है। आपका फर्ज है, अपने बच्चां को अच्छी शिक्षा प्रदान करना तथा स्वास्थ्य के लिए अच्छा आहार प्रदान करना, आपका फर्ज है। आज 120 ऑगनबाड़ी केन्द्रों को किट वितरित किया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने खेलों गुजरात शुरू किया था तथा बच्चों को खेल के साधन व सुविधायें उपलब्ध करायी गई। जब वो प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने खेलों इण्डिया शुरू किया, बच्चें/युवक-युवतियॉ एशियन खेल सहित अन्य अन्तर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर बड़ी संख्या में देश के लिए मेडॅल लेकर आ रहें है, इसमें दिव्यांग बच्चें भी पीछे नहीं है, वे भी मेडॅल लेकर आ रहें हैं। बच्चां में कौशल है, उन्हें उंगली पकड़कर सिखाने की आवश्यकता है। उन्हांने कहा कि ऑगनबाड़ी केन्द्रों पर विशेष फोकस करने की जरूरत है, ऑगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को संस्कार मिलता है, बच्चें लिखना/बैठना सीखतें है। उन्हांने कहा कि छोटे-छोटे बच्चें, महिलायें व युवा टी0बी0 रोग से ग्रस्त हैं। प्रधानमंत्री जी की मंशा है कि हम सब मिलकर 2025 तक अपने देश को टी0बी0 से मुक्त करने का कार्य करेंगे। उन्हांने कहा कि राजभवन, संस्थायें, अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति टी0बी0 रोगियों को गोद लेकर पोषण किट देने का कार्य करतें है। कम से कम 06 माह तक पोषणयुक्त भोजन मिलने से टी0बी0 के रोगी टी0बी0 रोग से बाहर निकल आतें है। टी0बी0 मरीज को प्रतिमाह रू0-500 सरकार द्वारा दिया जाता है। उन्हांने कहा कि शत-प्रतिशत प्रसव अस्पताल में हो, इसके लिए आशा, ऑगनबाड़ी व स्वास्थ्यकर्मी मिलकर कार्य करते हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क इलाज की सुविधा पंजीकृत निजी अस्पतालां में भी प्राप्त हो रहीं है, इसका लाभ उठायें। समाज कल्याण के लिए लोग काफी प्रयास करते हैं। प्रत्येक ग्राम प्रधान अपने गॉव के प्रत्येक बच्चें का जन्म पंजीकरण, जच्चा-बच्चा की स्वास्थ्य तथा प्रत्येक बच्चा ऑगनबाड़ी व 06 वर्ष पूर्ण करने के बाद स्कूल जा रहा है कि नहीं इसकी जानकारी रखें तथा देखतें रहें। उन्होंने कहा कि बच्चें स्वस्थ्य रहेंगे तो देश समृद्ध बनेंगा। उन्हांने किसान भाइयां से कहा कि रासायनिक खादों का कम से कम प्रयोग कम करें।
सासंद विनोद कुमार सोनकर जी ने  राज्यपाल जी का स्वागत करते हुए कहा कि कौशाम्बी जनपद का इतिहास गौरवशाली एवं वैभव शाली है। कौशाम्बी गंगा-यमुना के बीच में बसा है। कौशाम्बी में 51 शक्तिपीठों में एक मॉ शीतला देवी का धाम है। कौशाम्बी जैन व बौद्ध धर्म का पवित्र स्थान है, यहीं पर भगवान कृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की तथा गौतम बुद्ध ने चौमासा बिताया। उन्होने कहा कि वर्ष 2018 से कौशाम्बी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कौशाम्बी महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य कौशाम्बी को पर्यटन की दृष्टि से विश्वपटल पर स्थापित करना है। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य ने राज्यपाल जी को बुद्ध की प्रतिमा भेंट की।

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Author: Up Head Line

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