नगर पालिका मंझनपुर एक बार फिर प्रशासक काल की तरफ बढ़ी: वर्तमान अध्यक्ष के खिलाफ याचिका के बाद चौराहे पर शुरू हुई चर्चा,निकाय अध्यक्ष हासिल करने को फर्जी दस्तावेज़ दाखिल करने का मामला
कौशांबी। नगर पालिका मंझनपुर एक बाद फिर पूर्व प्रशासक कार्यकाल की तरफ आगे बढ़ चली है। इस बात की चर्चा शुक्रवार को नगर की चाय पान और प्रमुख चौराहे पर रही। स्थानीय लोग चर्चा करते दुकानों पर एकजुट दिखे। दरअसल मे नगर अध्यक्ष के निर्वाचन के खिलाफ याचिका ने चर्चाओ का बाज़ार गरम कर दिया है। जिसमे पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष मंझनपुर की भाति नामांकन पत्र मे गलत जानकारी देने के चलते अध्यक्ष पद महताब आलम को गवाना पड़ा था। कुछ इसी तरह की शिकायत को लेकर हारे उम्मीदवार अदालत मे याचिका लाकर वर्तमान अध्यक्ष की पोल खोलने पर आमादा है।
नगर पालिका मंझनपुर मे अध्यक्ष पद पर भाजपा के वीरेंद्र कुमार कुर्सी सभाल चुके है। पद की शपथ लेने के बाद से ही कुर्सी पर संकट मे बादल छा गए है। प्रमुख प्रतिद्वंदी बसपा के दशरथ लाल ने जिला अदालत मे चुने हुए अध्यक्ष के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका दाखिल कर नगर पालिका क्षेत्र मे हड़कंप मचा दिया। याचिका मे अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 17 जुलाई नियत कर निर्वाचन आयोग सहित 14 लोगो से जवाब तलब किया है। याची ने अदालत मे प्रार्थना की है कि नगर पालिका क्षेत्र के निवासी न होने के बाद भी उन्होने गलत तरीके से निवास एवं अन्य दस्तावेज़ तैयार कर चुनाव लड़ा और चुनाव जीत लिया।
याचिका दाखिल होने के बाद से मंझनपुर क्षेत्र मे चाय पान की दुकानों पर पूर्व नगर पंचायत के अध्यक्ष महताब आलम का निर्वाचन गलत दस्तावेज़ के चलते रद्द कर अदालत ने निर्वाचन शून्य कर दिया था। जिसके चलते नगर पंचायत मंझनपुर 3 वर्ष से अधिक समय तक प्रशासक शासन के कब्जे मे रही। लोग इस बात की शर्त लगाते सुने गए कि नगर पालिका के वर्तमान कार्यकाल भी जल्द फिर से उसी राह पर चलने वाला है। नाम न छापने की शर्त पर लोगो ने बताया कि अध्यक्ष व उनके प्रस्तावक दोनों ही नगर पालिका क्षेत्र के निवासी नहीं है। दस्तावेज़ मे एक लेखपाल के जरिये हेरफेर कर नामांकन पत्र दाखिल कर जीत हासिल कर लिया।
अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने बताया, यह विरोधियो की सजिस के तहत उन्हे बदनाम करने की लिए किया जा रहा है। दस्तावेज़ के प्रति दिखाये जाने पर वह आरोपो पर चुप्पी साध लेते है।








