
हाइलाइट्स
स्कूल में ऑफ स्पिनर के तौर पर क्रिकेट खेलना शुरू किया था
कहा-क्रिकेट की शुरुआत के दौरान मैं बैट्समैन था ही नहीं
नई दिल्ली. Rohit Sharma on his cricket: टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को हमेशा से बैटिंग के मामले में स्पेशल टैलेंट माना जाता है.’हिटमैन’ के नाम से लोकप्रिय रोहित की छवि नेचुरल स्ट्रोकमेकर की है और वे बड़ी आसानी से चौके-छक्के लगाने में सफल होते हैं.क्रिकेट जगत में यह आम धारणा है कि रोहित के पास किसी स्ट्रोक को खेलने के लिए आम बैटरों की तुलना में कुछ सेकंड का अधिक समय होता है और इसी कारण वे इंटरनेशनल क्रिकेट में बड़ी-बड़ी पारियां खेलने में कामयाब होते हैं. हालांकि खुद रोहित की राय इससे अलग है. उन्होंने कहा, ‘ऊपर वाले ने मुझे बैटिंग का कोई टेलैंट नही दिया था, बॉलिंग का जरूर दिया था. सब बोलते हैं गॉड गिफ्टेड टेलैंट है जबकि सच्चाई यह है कि क्रिकेट की शुरुआत करने के दौरान मैं कभी बैट्समैन था ही नहीं’
रोहित शर्मा ने स्पोर्ट्स तक टीवी प्रोग्राम में विक्रांत गुप्ता से खास बातचीत में बताया,’स्कूल के लिए मैंने जब खेलना शुरू किया तो एक बॉलर के तौर पर सिलेक्ट हुआ था. मैं ऑफ स्पिन बॉलिंग करता था. कुछ माह बाद मेरे कोच दिनेश लाड ने कहा, तुमहें बैटिंग में भी फोकस करना चाहिए क्योंकि हमें ऑलराउंडर की जरूरत है.’उन्होंने मेरी बैटिंग देखी और 8 नंबर पर मौका दिया.मैं बैटिंग के लिए तो 30-40 रन बनाए.इस पारी में मैंने कुछ चौके-छक्के भी लगाए.’
रोहित ने बताया,’इसके बाद सर ने मुझे ऊपर बैटिंग का मोका दिया तब मैंने स्कूल के मैच में 140 रन बनाए थे.यहां से मेरी बैटिंग का सिलसिला शुरू हुआ.जब खेलना शुरू किया तो मैं बैटिंग नहीं करता था. मैं केवल अपने मोहल्ले में दोस्तों के साथ बैटिंग करता था.जब लेदर बाल क्रिकेट शुरू किया तब भी मैं बैटिंग नहीं करता था, बॉलिंग करता था.’रोहित ने कहा कि लोगों को लगता है कि बैटिंग को लेकर उनके पास नेचुरल टैलेंट है जबकि ऐसा नहीं है. बैटिंग को लकर उन्होंने काफी मेहनत की है. अभी भी करता हूं.
वर्ष 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान अपने पारी की शुरुआत करने को रोहित क्रिकेट करियर का टर्निंग प्वाइंट मानते हैं. उन्होंने कहा, ‘2013 में चैंपियसं ट्रॉफी में एमएस धोनी ने मुझसे ओपन कराया, वह निश्चित रूप से मेरे करियर का टर्निंग प्वाइट था. मैं मिडिल आर्डर में बैटिग करता था.बैटिंग में चार नंबर पर उतरता था लेकिन उस जगह पर प्रैक्टिस मैच में दिनेश कार्तिक ने दो शतक बनाए थे. ऐसे में एमएस धोनी (MS Dhoni) बैटिंग आर्डर को लेकर कनफ्यूज थे.उन्होंने मुझसे पूछा कि आप ओपन करोगे तो मैंने हां कह दिया. इससे पहले मैंने भारत में इंग्लैंड के खिलाफ दो मैचों में मैंने ओपनिंग की थी. मैंने दो मैच में इंग्लैंड के खिलाफ ओपनिंग की थी.
उन्होंने माना कि ओपनिंग करते हुए आपको मानसिक रूप से बदलाव करने की जरूरत होती है. कुछ शॉट आपकी स्टेंथ होते हैं लेकिन आप ओपन करते हुए इन्हें नहीं खेल सकते.मुझे बड़े टूर्नामेंट खेलना था. मैंने वर्ल्डकप-2011 मिस किया था.उसके बाद से मेरी गाड़ी चल निकली.’50 टेस्ट में 3437 रन, 242 वनडे में 9825 और टी20 मैचों में 3853 रन रोहित शर्मा के नाम पर दर्ज हैं. वनडे क्रि केट में तीन दोहरे शतक उनके नाम पर दर्ज है और इस फॉर्मेट में 264 रन उनका सर्वोच्च स्कोर रहा है.
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Tags: Cricket, Ms dhoni, Rohit sharma, Team india
FIRST PUBLISHED : June 27, 2023, 09:37 IST






