
हिमांशु जोशी/पिथौरागढ़. भारत में अब धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक कारों का चलन बढ़ रहा है, जिससे पेट्रोल-डीजल की खपत तो बचेगी ही साथ ही इससे पर्यावरण पर हो रहे दुष्प्रभावों में भी कमी आएगी. इससे प्रेरणा लेते हुए पिथौरागढ़ जिले के सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज (Seemant Engineering College Pithoragarh) के छात्रों ने भी एक ऐसी ही इलेक्ट्रिक गाड़ी बनाई है, जो बैटरी से चलती है. इसे एक बार फुल चार्ज करने पर पांच घंटे तक आराम से चलाया जा सकता है.
यह एक शुरुआती मॉडल है, जिसे सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज के इलेक्ट्रिकल ब्रांच के छात्रों ने तैयार किया है. इसमें एक किलोवाट की बैटरी का इस्तेमाल किया गया है, जो 100 किलो तक का वजन आसानी से उठा सकती है. इसे बनाने वाले छात्रों से बातचीत में उन्होंने बताया कि इसे बनाने में 80,000 रुपये का खर्च आया है. इलेक्ट्रॉनिक ब्रांच के डिपार्टमेंट की मदद से वह बैटरी से गाड़ी बनाने में सफल रहे हैं.
क्या है कार की रफ्तार
उन्होंने कहा कि इसमें आगे और काम होना बाकी है, जिसके बाद यह आसानी से अन्य कारों की तरह दिखने और काम करने लगेगी. इसे बनाने वाली टीम में शामिल छात्र शशांक का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए उन्होंने एक इलेक्ट्रिक कार बनाने का फैसला किया था. उनकी बनाई यह इलेक्ट्रिक कार अभी सिंगल पैसेंजर कार है, जो 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है और 100 किलो तक का वजन यह कार आसानी से वहन कर सकती है. उन्होंने इसे और ज्यादा मोडिफाई करके आने वाले समय मे लोगों के लिए काफी बचत वाली कार होना बताया है.
प्रदूषण में भी कमी आएगी
गौरतलब है कि सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बस उन्हें तराशने की जरूरत है. अगर कॉलेज प्रबंधन से छात्रों को यूं ही प्रोत्साहन मिलता रहे, तो यहां के भी छात्र अपनी प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया में मनवा सकते हैं. इलेक्ट्रॉनिक ब्रांच के प्रमुख अखिलेश सिंह का कहना है कि छात्रों द्वारा बनाई गई यह कार भविष्य में काफी कारगर साबित होगी, जिसे थोड़ा मोडिफाई करके इसे लोग अपने दैनिक जीवन में अपना सकेंगे और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी. वहीं इसकी कीमत भी हर किसी की पहुंच में होगी.
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FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 17:29 IST






