Ashadha Purnima 2023: आषाढ़ पूर्णिमा पर करें 5 उपाय, परिवार पर होगी लक्ष्मी कृपा, धन-दौलत, सुख, समृद्धि बढ़ेगी, देखें शुभ मुहूर्त


हाइलाइट्स

आषाढ़ पूर्णिमा तिथि: 02 जुलाई, रात 08:21 बजे से 03 जुलाई, शाम 05:08 बजे तक.
इस बार आषाढ़ पूर्णिमा पर ब्रह्म योग और इंद्र योग बन रहे हैं.

इस साल आषाढ़ पूर्णिमा व्रत 03 जुलाई दिन सोमवार को है. इस दिन व्रत रखकर चंद्रमा की पूजा करने का विधान है. इस बार आषाढ़ पूर्णिमा पर ब्रह्म योग और इंद्र योग बन रहे हैं. आषाढ़ पूर्णिमा के दिन आप कुछ आसान ज्योतिष उपायों को करके माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और धन, दौलत, सुख, समृद्धि में बढ़ोत्तरी कर सकते हैं. इस रात चंद्र देव की पूजा करने और अर्घ्य देने से चंद्र दोष खत्म होगा. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं आषाढ़ पूर्णिमा के ज्योतिष उपायों के बारे में.

आषाढ़ पूर्णिमा 2023 शुभ मुहूर्त
आषाढ़ पूर्णिमा तिथि: 02 जुलाई, रात 08:21 बजे से 03 जुलाई, शाम 05:08 बजे तक
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह 05:27 बजे से सुबह 07:12 बजे तक
शुभ-उत्तम मुहूर्त: सुबह 08:56 बजे से सुबह 10:41 बजे तक
लाभ-उन्नति मुहूर्त: दोपहर 03:54 बजे से शाम 05:39 बजे तक
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: शाम 05:39 से शाम 07:23 बजे तक
लाभ-उन्नति मुहूर्त: रात 11:10 बजे से देर रात 12:25 बजे तक

यह भी पढ़ें: कब है आषाढ़ पूर्णिमा व्रत? कब होगा स्नान और दान? जानें पूजा मुहूर्त और पाताल की भद्रा का समय

आषाढ़ पूर्णिमा के ज्योतिष उपाय
1. आषाढ़ पूर्णिमा की शाम शुभ मुहूर्त में माता लक्ष्मी की विधिपूर्व​क पूजा करें. उसके बाद माता लक्ष्मी को मखाना, दूध और केसर से बनाई गई खीर का भोग लगाएं. माता लक्ष्मी को खीर बहुत ही प्रिय है. इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं. भोग लगाए गए खीर को अगले दिन सुबह प्रसाद स्वरूप ग्रहण करना चाहिए.

2. बिजनेस में तरक्की के लिए आषाढ़ पूर्णिमा को कार्यालय में पूजा स्थान पर माता लक्ष्मी की मूर्ति के साथ गोमती चक्र स्थापित करें. फिर कनकधारा स्‍तोत्र या श्रीसूक्त का पाठ करें. पूजा समापन के बाद उन गोमती चक्र को तिजोरी में रख दें. लक्ष्मी कृपा से आपके बिजनेस में उन्नति होगी.

यह भी पढ़ें:  कब है गुरु पूर्णिमा? इस तिथि का वेद व्यास और गौतम बुद्ध से क्या संबंध? जानें मुहूर्त और महत्व

3. आषाढ़ पूर्णिमा की रात जब चंद्रोदय हो जाए तो एक चांदी के पात्र में गाय का दूध, सफेद फूल, अक्षत् डालकर चंद्र देव को ​अर्घ्य दें. चंद्र देव के बीज मंत्र ॐ सों सोमाय नम: या तांत्रिक मंत्र ॐ श्राम श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः का जाप करें. इससे चंद्र दोष दूर होगा. कुंडली में चंद्रमा मजबूत होगा. चंद्रमा के सकारात्मक प्रभाव से जीवन में सुख और समृद्धि का वास होगा.

4. आषाढ़ पूर्णिमा के दिन आप स्नान के बाद माता लक्ष्मी के मंदिर जाकर देवी का दर्शन करें. वहां पर श्रीसूक्त का पाठ करें. पूजा के बाद झाड़ू, गुलाब का फूल, गुलाबी या लाल वस्त्र, नारियल आदि का दान कर सकते हैं. इससे आप पर माता लक्ष्मी की कृपा होगी. घर के धन और वैभव में बढ़ोत्तरी होगी.

5. आषाढ़ पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पूजा के समय 11 पीली कौड़ियां चढ़ाएं. पूजा बाद उसे घर की तिजोरी में रख दें. इस उपाय को करने से पूर्व सुबह स्नान के बाद पानी में हल्दी डालकर घर के मुख्य द्वार पर छिड़क दें. शाम को मुख्य द्वार पर माता लक्ष्मी के लिए दीपक जलाएं.

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Religion

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More