डीलर और बिचौलिये के बैगर किसान बेंच सकेंगे अपना प्रोडेक्ट, मोबाइल रूलर मार्ट वाहन शुरू, जानिए इसके लाभ

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सिद्धांत राज/ मुंगेर: किसान अब अपने उत्पाद को बाजार में आसानी से बेच सकेंगे. नाबार्ड ने किसानों के लिए मोबाईल रूलर मार्ट वाहन उपलब्ध कराया है. वहीं डीएम नवीन कुमार ने भी पूरी योजना और मोबाइल मार्ट वाहन का लिया जायजा. दरअसल, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) को बढ़ावा देने के लिए नवार्ड ने एक मोबाईल रूलर मार्ट वेन दिया गया है. इसके जारिए संगठन से जुड़े किसान अपने उत्पाद को गांव से लेकर शहर में बेच सकते हैं. किसान मसाला चना सत्तू, बेसन, मोटे अनाज से तैयार सामग्री, मिक्स आटा आदि बेच सकते हैं. वहीं इस मोबाईल रूलर मार्ट वैन डीएम ने उद्घाटन भी कर दिया है.

डीएम नवीन कुमार ने बताया कि मुंगेर सदर के शंकरपुर गांव में किसान उत्पादक संगठन के जरिए प्रकार के मसाले तैयार करते हैं, वहीं अब किसान इस योजना का लाभ उठाकर अपनी साम्रगी को मोबाईल रूलर मार्ट की मदद से गांव-गांव में आसानी से बेच सकेंगे. इससे किसानों को फायदा होगा, क्योंकि किसान अपने खेतों में जो उत्पादन करेंगे, उसका घर में प्रोसेसिंग के बाद बाजार में बेची जाएगी. इससे किसानो की आमदनी में बढ़ोतरी होगी.

भारत सरकार की योजनाओं से स्थानीय किसान होंगे समृद्ध

नवार्ड के डीडीएम सुजीत कुमार ने बताया है कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना किसान उत्पादक संगठन को बढ़ावा देने के लिए नवार्ड द्वारा एक मोबाईल रूलर मार्ट वैन की शुरुआत की गई है. उन्होंने बताया कि एफपीओ के माध्यम से सदर प्रखंड के शंकरपुर में मसाला तैयार किया जाता है. उसे अब घर-घर सहित जिले के अलग-अलग प्रखंड के गांवों तक वैन के जरिये पहुंचाया जायेगा. इससे किसानों को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब डीलर और बिचौलिये की जरूरत नहीं होगी.

आपको बता दें कि अंगराज किसान उत्पादन कंपनी लिमिटेड, शंकरपुर अंगराज ग्रामीण विकास संगठन मुंगेर के अधीन एक किसान उत्पादन संगठन है जो कंपनी एक्ट के तहत निबंधित है. इसकी कार्यकारिणी में 5 निदेशक हैं. यह एफपीओ नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित है. जबकि, तकनीकी सहायता कृषि विज्ञान केंद्र, मुंगेर के द्वारा दी गई है.

इस योजना से 530 किसान जुड़े हुए हैं

किसान अभिमन्यु यादव ने बताया की 2016 से किसान नाबार्ड से जुड़े हैं. नाबार्ड से मिले ऋण से किसानों ने मिलकर मशाला फैक्ट्री लगाया. जिसमें सब्जी माशाला सहित सत्तू, बड़ी, बेसन आदि तैयार कर पैकेजिंग किया जाता है. उन्होंने आगे बताया कि नाबार्ड से मोबाईल रूलर मार्ट वैन मिल जाने के बाद किसान अपने उत्पाद को बाजारों में बेचेंगे. ग्रामीण इलाको में जो डिमांड होता था उसे पहले नहीं पहुंचा पाते थे. लेकिन अब वैन के जरिये शुद्ध समान लोगों तक पहुंचाएंगे.

सदर प्रखंड के इस एफपीओ से 530 किसान जुड़े है. प्रधानमंत्री मोटा अनाज को बढ़ावा देने के लिए किसानों को जागरूक कर रहे हैं. इसको लेकर किसान खेहरी, चना, कोनी , ज्वार, बाजरा, मरुआ आदि खेतो में लगाने के लिए सभी को जागरूक कर रहे हैं.

Tags: Buxar news, Local18

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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