गाय-भैंसों को संगीत सुनाओ…तो मिलेगा ज्यादा दूध, NDRI की रिसर्च में खुलासा

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हिमांशु नारंग/करनाल: कहते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण की बंसी की धुन सुनकर सैंकड़ों गायें दौड़ी चली आती थीं. यह कहावत अब वैज्ञानिक दृष्टि से भी सच साबित हो रही है. जलवायु परिवर्तन न सिर्फ इंसानों को परेशान करता है, बल्कि पशुओं को भी व्याकुल कर देता है. ऐसे में खासतौर पर दुधारू पशुओं को तनाव मुक्त रखने के लिए राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल ने एक अनोखी रिसर्च की है.

जिस तरह मनुष्य को संगीत पसंद आता है और म्यूजिक सुनकर वे खुद को रिलैक्स फील कराते हैं, ठीक इसी प्रकार इस रिसर्च में सामने आया है कि मधुर धुन या संगीत पशुओं को तनाव मुक्त रखता है. NDRI की शाखा जलवायु प्रतिरोधी पशुधन अनुसंधान केंद्र ने ये प्रयोग हजारों दुधारू पशुओं पर किया है और करीब चार सालों से इस पर रिसर्च चल रही थी. नतीजन संगीत से पशुओं का न केवल स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि उनके दूध देने की क्षमता में भी बढ़ोतरी हुई है.

इस बारे में संस्थान के वरिष्ठ पशु वैज्ञानिक डॉ. आशुतोष का कहना है कि काफी समय पहले सुना था कि गायों को संगीत और भजन पसंद होते हैं. हमने जब यह प्रयोग अपनाया तो उसका परिणाम काफी अच्छा निकला. कहा कि संगीत की तरंगें गाय के मस्तिष्क में ऑक्सीटोसिन हार्मोन को सक्रिय करती हैं और गाय को दूध देने के लिए प्रेरित करती हैं.

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ऐसे की गई रिसर्च
साल 1955 में एनडीआरआई की स्थापना के बाद से ही पशुओं पर काफी शोध किए जा रहे हैं. देसी गायों की नस्लों पर अलग-अलग प्रकार के प्रयोग हो रहे रहे हैं. इसी कड़ी में पशुओं पर जलवायु परिवर्तन के असर को लेकर भी शोध चल रहा था. उन्हें तनावमुक्त रखने के प्रयास किए जा रहे थे. संगीत सुना कर पशुओं के व्यवहार को परखा गया और पाया कि संगीत से पशु भीषण गर्मी में भी खुद को रिलैक्स रखते हैं और आराम से बैठकर जुगाली करते हैं. परिणामस्वरूप इसका असर उनके दुग्ध उत्पादन पर भी पड़ा और वे पहले से अधिक दूध देने लगे.

पशुओं को तनाव से बचाया जा रहा
डॉ. आशुतोष ने बताया कि जिस तरह से हम पशु को एक ही जगह पर बांध कर रखते हैं, वह तनाव में आ जाते हैं और ठीक तरह से व्यवहार नहीं करते. हम यहां पर पशुओं को उस तरह का वातावरण दे रहे हैं, जिसमें पशु के ऊपर कोई भी दबाव न हो और वह तनाव मुक्त रख सके. रिसर्च में संगीत और भजन का सहारा लिया गया और अच्छे परिणाम सामने आए हैं.

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Author: Up Head Line

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