Haldwani News : बेस अस्पताल का आईसीयू दो साल से है बंद, कोरोना काल में हुआ था निर्माण, मरीजों का हो रहा शोषण

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पवन सिंह कुंवर/हल्द्वानी. उत्तराखंड के कई जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत जस की तस है. कुमाऊं भर से मरीज इलाज के लिए हल्द्वानी शहर पहुंचते हैं. मंडल के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक हल्द्वानी का सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल भी है. बेस अस्पताल में दो साल पहले कोरोना काल में 9 बेड का आईसीयू वार्ड बनाया गया था. इसकी लागत दो करोड़ रुपये थी. शुरुआत में कुछ दिनों तक इसे संचालित किया गया, लेकिन कुछ समय बाद स्टाफ न होने का हवाला देते हुए इसे बंद कर दिया गया. तब से लेकर आज तक आईसीयू वार्ड शुरू नहीं हो सका है.

अस्पताल लाए जाने वाले गंभीर मरीजों को इससे खासा परेशानी हो रही है और मरीज प्राइवेट अस्पतालों को रुख करने के लिए मजबूर हैं. मरीजों को इस आईसीयू का लाभ नहीं मिल पा रहा है. सारी सुविधाएं होने के बावजूद मरीज मजबूरन प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं, जिससे उनकी जेब पर भी अच्छा खासा असर पड़ रहा है. जिसकी सबसे बड़ी वजह आईसीयू का बंद होना है.

स्टाफ की कमी है समस्या की जड़
बेस अस्पताल की सीएमएस सविता ह्यांकी ने कहा कि कोरोना काल में यह आईसीयू चलाया गया था, लेकिन उसके बाद से ही यह आईसीयू वार्ड बंद है. इस वार्ड के लिए फिजिशियन डॉक्टर, स्टाफ नर्सों और मेडिकल ऑफिसर के पद खाली हैं. अभी यहां डॉक्टरों की पोस्टिंग नहीं हो पाई है, जिस वजह से आईसीयू वार्ड बंद है. स्टाफ की नियुक्ति होते ही आईसीयू वार्ड फिर से चालू कर दिया जाएगा.

रेफर सेंटर बना बेस अस्पताल
आईसीयू वार्ड बंद होने से बेस अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को अन्यत्र रेफर कर दिया जाता है. इससे मरीजों व उनके तीमारदारों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं. डॉक्टर व स्टाफ की नियुक्ति को लेकर शासन से अभी कोई स्थिति साफ नहीं है. बहरहाल जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से शासन-प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई है.

Tags: Haldwani news, Local18, Uttarakhand news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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