कहानी पहली ट्रांसजेंडर महिला डॉक्टर की, जिसकी वजह से NEET PG दाखिले में लागू हुआ ट्रांसजेंडर कोटा

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कुदरत ने उन्हें जैसा बनाया, वे दुनिया से उन्हें वैसे ही अपनाने के लिए गुहार लगाती रहीं. वे जैसी हैं, जो हैं, इसमें उनका क्या कसूर लेकिन दुनिया वालों ने उन्हें 1-2 नहीं 15 बार रिजेक्ट कर सजा दी. रूथ जॉन पॉल तेलंगाना के Khammam शहर से हैं. उन्होंने हैदराबाद के 15 अस्पतालों ने नौकरी देने से रिजेक्ट किया था. लेकिन वे हारी नहीं. तमाम रिजेक्शन का सामना करने के बाद, मल्ला रेड्डी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से एमबीबीएस करने वाली 28 वर्षीय ट्रांसवुमन ने उस्मानिया में नौकरी पाई थी. उन्होंने ट्रांसजेंडर डॉक्टर बनकर इतिहास रचा था.

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Author: Up Head Line

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