Children should be aware of wildlife, so artificial zoo built here – News18 हिंदी


निखिल स्वामी/ बीकानेर. आपने जू यानी चिड़ियाघर में शेर की दहाड़, भालू की आवाज, हिरणों की उछलकूद देखी होगी, लेकिन बीकानेर में एक ऐसा जू यानी चिड़ियाघर बना है. जहां शेर न तो दहाड़ता है और हिरण उछलकूद नहीं करते है. यहां आप शेर, बाघ के पास जाकर फोटो भी खिंचवा सकते है. यहां बीकानेर के पब्लिक पार्क परिसर में आर्टिफिशियल जू यानी चिड़ियाघर बनाया गया है. यहां 30 से अधिक जानवरों केस्कल्पचर्स बनाए गए हैं. जहां सुबह और शाम को बच्चे आते हैं और इनके साथ खड़े और बैठकर फोटो खिंचवाते हैं. ऐसे में यह शहरवासियो के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.आर्टिफिशियल जू पार्क में एक साथ इतने सारे जानवरों के स्कल्पचर एक बार तो असली जैसे प्रतीत होते हैं.

मूर्तिकार रुचिका जोशी ने बताया कि इस आर्टिफिशियलचिड़ियाघर को बनाने में कई माह का समय लगा. यह सारे जानवर फाइबर से बने हुए हैं.वे बताती हैं किजिला कलेक्टर की पहल पर बीकानेर शहर में प्रवेश करने वाले सभी मार्गों पर अलग-अलग थीम आधारित स्कल्पचर्स लगाए गए हैं. वहीं मेजर पूर्णसिंह सर्किल के पास पतंग उड़ाते बच्चे का स्ट्रक्चर आमजन को आकर्षित करता है.

पहले यहां था जू, अब बंद हो गया

मूर्तिकार रुचिका जोशी ने बताया की इस आर्टिफिशल जू को बनाने के पीछे कारण है कि कभी पब्लिक पार्क में जू हुआ करता था. जहां बच्चे गर्मियों की छुट्टियों में या शाम को परिवार के साथ आया करते थे. लेकिन समय के साथ इस जू का अस्तित्व समाप्त होता चला गया. ऐसे में बच्चो के मनोरंजन के साथ इन पशुओं और पक्षियों के उपयोग और इनकी विशेषताओं से वाकिफ करवाने के लिए यह बनाया गया.

यह जानवर बनाए गए

जोशी ने बताया कियहां शेर, चीता, भालू, डायनासोर, जिराफ, गाय, हाथी, चिम्पांजी, मोर, बारहसिंघा, हिरण जैसे पशुओं और पक्षियों के 30 स्कल्पचर्स बनाए गए हैं.इसका उद्देश्य है कि बच्चे मनोरंजन के साथ इन पशुओं के उपयोग और इनकी विशेषताओं से वाकिफ हो सके. साथ ही बच्चों को मनोरंजन का एक स्थान मिल सके.रेगिस्तान के जहाज और जिराफ के प्रति विशेष उत्साहवैसे तो सभी स्कल्पचर बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हैं, लेकिन रेगिस्तान के जहाज ऊंट और जिराफ के विशाल स्कल्पचर के प्रति बच्चों में विशेष उत्साह देखने को रहता है.

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Author: Jagran Times

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