
पीयूष पाठक/ अलवर. अलवर में आने वाले पर्यटक अपनी पूरी तैयारी के साथ घूमने के लिए आते हैं. जिसमें उनकी पर्यटन लिस्ट में सरिस्का के बाद आने वाला स्थल सिलीसेढ़ झील है. अलवर की यह एक मात्र झील है, जहां पर बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है. लेकिन करीब 2 महीनों से ज्यादा से यहां आने वाले पर्यटकों को निराशा हाथ लग रही है. सिलीसेढ़ झील में टेंडर की प्रक्रिया फाइनल ना होने के कारण झील में अभी बोटिंग बंद है.
देशभर से लोग सिलीसेढ़ झील में बोटिंग का आनंद लेने के लिए पहुंचते हैं. सिलीसेढ़ झील में राजस्थान पर्यटन विकास निगम की ओर से पर्यटकों के लिए बोटिंग की सुविधा संचालित है. वीकेंड पर यहां पर आने वाले पर्यटकों की संख्या अच्छी खासी रहती है. लेकिन टेंडर की प्रक्रिया फाइनल ना होने से यहां आने वाले पर्यटकों को बोटिंग का आनंद नहीं मिल पा रहा है. जिसके कारण पर्यटक निराश है.
सिलीसेढ़ झील में वोटिंग का आनंद लेने के लिए पर्यटकों को प्रत्येक व्यक्ति के अनुसार 100 रुपये लिए जाते हैं. जिसमें 15 मिनट तक सिलीसेढ़ झील में बोटिंग का आनंद पर्यटकोंको दिया जाता है. एक बोट में करीब आठ व्यक्तियों को बैठाकर झील में घुमाया जाता है. मार्च में खत्म हुए बोटिंग टेंडर के बाद जल्दी ही टेंडर खोलें तो यहां आने वाले पर्यटकों को बोटिंग की सुविधा मिल पाए, सिलीसेढ़ झील का मुख्य आकर्षण ही बोटिंग है.
टेंडर खुले तो बढ़े आय
पिछले करीब 2 महीनों से ज्यादा से वोटिंग के टेंडर नहीं होने के कारण सिलीसेढ़ झील में वोटिंग बंद है. लेकिन जल्दी ही वोटिंग के टेंडर जल्द खुले तो इससे सिलीसेढ़ को भी आय मिलेगी. अभी बोटिंग बंद होने के कारण सिलीसेढ़ की आय पर भी असर पड़ रहा है. पिछले कुछ वर्षो मे सिलीसेढ़ के बाद मुख्य पर्यटन स्थल मना जाने वाला सिलीसेढ़ झील पर्यटकों से गुलजार रहा है.
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FIRST PUBLISHED : June 19, 2023, 16:37 IST






