
हाइलाइट्स
इतनी स्पीड से वॉक करने वालों में भी हार्ट की परेशानी 31 प्रतिशत तक कम हो जाती है.
रनिंग करने वालों में ऑस्टियोअर्थराइटिस की परेशानी भी हो सकती है.
Running or Walking is Better for Weight Loss: पहले के लोग बहुत ज्यादा चलते थे. उनके जीवन में वॉकिंग जीवन की जरूरतों को पूरा करने के लिए करना ही पड़ता था. हम सब जानते हैं कि वॉकिंग का बहुत फायदा है. वॉकिंग बेहद कारगर कार्डियो एक्सरसाइज है जिसमें सांसें बहुत तेज चलती रहती है. इससे क्रोनिक डिजीज जैसे कि हार्ट डिजीज, डायबिटीज का खतरा बहुत कम हो जाता है. रिसर्च में भी प्रमाणित हुआ है कि पैदल चलने से हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर, कैंसर और टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को बहुत कम किया जा सकता है. वॉकिंग का तेज रूप है रनिंग. रनिंग में धड़कनें और तेज चलती है और कम समय में बहुत ज्यादा शारीरिक हलचलों को पैदा करता है. हालांकि जब वजन कम करने की बात आती है तो लोगों को यह जानना जरूरी हो जाता है कि वॉकिंग से ज्यादा तेजी से वजन घटता है या रनिंग से. इस बारे में क्या कहता है विज्ञान. आइए जानते हैं कि वजन कम करने के लिए रनिंग बेहतर है या वॉकिंग.
दोनों के बेहतरीन फायदे
वेबएमडी की खबर के मुताबिक रनिंग और वॉकिंग दोनों कार्डियो एक्सरसाइज है. इससे कई परेशानियों का खतरा कम हो जाता है. रिसर्च के मुताबिक कार्डियो एक्सरसाइज डिमेंशिया, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल आदि के लेवल को कम करता है. इसके साथ ही मेमोरी पावर और सर्कुलेशन को बूस्ट करता है. कार्डियो एक्सरसाइज से मूड बेहतर रहता है और इरेक्टाइल फंक्शन भी सही रहता है. वॉकिंग हर कोई कर सकता है लेकिन रनिंग बहुत शक्तिशाली एक्सरसाइज है. इसमें ताकत और स्टेमिना बहुत ज्यादा लगती है. दो मिनट की रनिंग चार मिनट के वॉक के बराबर है. हेल्दी लाइफ के लिए एक्सपर्ट सप्ताह में 150 मिनट मॉडरेट एक्सरसाइज की सलाह देते हैं या फिर 75 मिनट की तेज गति से करने वाली एक्सरसाइज की सलाह देते हैं. इसके लिए मसल्स को मजबूत करने के लिए भी एक्सरसाइज बताई जाती है. हालांकि दोनों एक्सरसाइज में कुछ बुनियादी फर्क है.
क्या है ज्यादा बेहतर
अब सवाल यह है कि रनिंग ज्यादा बेहतर है या वॉकिंग. अगर आप शुरुआत में एक्सरसाइज शुरू करना चाहते हैं तो पहले आपको वॉकिंग पर ध्यान देना चाहिए. इसके लिए यदि वॉकिंग में 3 या साढ़े तीन किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड है तो इससे कई फायदे होंगे. रिसर्च में पाया गया है कि इतनी स्पीड से वॉक करने वालों में भी हार्ट की परेशानी 31 प्रतिशत तक कम हो जाती है. वहीं जब आप वॉक करने में स्पीड पकड़ ली है तो आप रनिंग कर सकते हैं. रनिंग में वॉकिंग की तुलना में दोगुनी कैलोरी बर्न होती है. अगर कोई व्यक्ति 72 किलोग्राम का है और 5 से 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वॉक कर रहा है तो आधे घंटे में 156 कैलोरी ऊर्जा खपत होगी, वहीं अगर यही व्यक्ति 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ लगाता है तो आधे घंटे में 356 कैलोरी ऊर्जा खपत होगी. इसलिए वजन कम करने में रनिंग बेहतर है लेकिन यह सबके लिए ठीक नहीं है. इसके लिए स्वस्थ होना ज्यादा जरूरी है और इसके बाद नियमित पहले वॉकिंग का अभ्यास जरूरी है क्योंकि रनिंग का अभ्यास भी बहुत जरूरी है.
रनिंग के जोखिम
रनिंग करने वालों में ऑस्टियोअर्थराइटिस की परेशानी भी हो सकती है. ऑस्टियोअर्थराइटिस तब होता है जब बोन के बीच में कार्टिलेट फटने लगते हैं. इससे ज्वाइंट में दर्द होता है. हालांकि रिसर्च में यह भी देखा गया है कि ऑस्टियोअर्थराइटिस होते हुए भी हिप रिप्लेसमेंट की कम जरूरत होती है. वहीं रनिंग में इंज्यूरी का ज्यादा डर रहता है. इससे घुटने, एचिलेस टेंडॉन्टाइटिस, स्किन स्प्लिंट्स, स्ट्रेस फ्रेक्चर आदि का खतरा बढ़ जाता है. हालांकि वैज्ञानिकों ने पाया कि वॉकिंग से हार्ट अटैक, स्ट्रोक, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि का जोखिम उतना ही कम होता है जितना रनिंग कने से होता है. हालांकि वॉकिंग में कोई जोखिम नहीं है, इसके बावजूद यह बेहद फायदेमंद है लेकिन रनिंग में फ्रेक्चर का डर है.
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Tags: Health, Health tips, Lifestyle
FIRST PUBLISHED : June 19, 2023, 14:19 IST






