महिला ने किया था धर्म परिवर्तन, मौत के बाद शव दफनाने पर ग्रामीणों ने किया विरोध

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रूपेश कुमार भगत/गुमला. झारखंड के गुमला में महिला के शव दफनाने को लेकर विवाद हो गया है. घटना जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के चपका गांव की है. यहां के निवासी कमल लोहरा ने अपनी पत्नी सालो देवी की मौत के बाद बीते 16 जून को उसके शव को बसारटोली नदी के किनारे दफना दिया था. शव दफनाने के विरोध में पोढा एवं बसारटोली के ग्रामीण एवं प्रशासन के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा चला. ग्रामीणों का कहना था कि किसी दूसरे गांव की महिला का शव उनके गांव के कब्रिस्तान में क्यों दफनाया गया?

बता दें कि, कमल लोहरा ने तीन वर्ष पूर्व अपना मूल धर्म छोड़ ईसाई धर्म अपना लिया था. वो अपने परिवार के साथ घाघरा में ईसाई रीति-रिवाज के साथ रह रहा था. पत्नी की मौत होने के बाद कमल लोहरा ने उसके शव को बसारटोली नदी किनारे दफना दिया.

ग्रामीणों ने बसारटोली कब्रिस्तान में मृतका के शव को दफनाए जाने का विरोध किया. उन्होंने कमल लोहरा को बसारटोली गांव बुलाया और उसकी पत्नी की यहां दफनाने की वजह पूछी. इस पर कमल ने बताया कि ईसाई धर्मावलंबियों ने इसी जगह पर शव दफनाने की बात कही थी. इस पर ग्रामीण भड़क गए और उन्होंने उसे शव को वहां से निकाल कर ले जाने को कहा.

विवाद बढ़ने पर ग्रामीणों ने घाघरा पुलिस को सूचना दी. इसके बाद, पुलिस गांव पहुंची और आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वो मानने को तैयार नहीं थे. अंत में पुलिस के द्वारा अंचलाधिकारी (सीओ) प्रणव ऋतुराज को सूचित किया गया. मौके पर पहुंचे प्रणव ऋतुराज काफी मशक्कत के बाद गांववालों को समझाने में सफल रहे और आगे से ग्राम प्रधान, मुखिया और पहान-पुजार की अनुमति के बगैर ऐसा कोई कार्य नहीं करने की बात कही.

घाघरा सीओ ने बताया कि प्रशासन को सूचना मिली थी कि महिला के शव दफनाए जाने को लेकर ग्रामीणों में विवाद हो रहा है. पुलिस के साथ प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया गया. लोगों का कहना था कि मृतक के परिवार ने तीन साल पूर्व धर्म परिवर्तन कर लिया था, जिसके कारण उन्हें गांव के कब्रिस्तान में शव को दफनाने नहीं दिया जाएगा. प्रशासन के द्वारा काफी समझाने के बाद ग्रामीण मानने को तैयार हुए.

Tags: Conversion of Religion, Gumla news, Jharkhand news, Local18, Religious conversion

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें