नितिन मेनन का कबूलनामा, भारतीय स्टार क्रिकेटर अंपायर पर बनाते हैं दबाव

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


हाइलाइट्स

नितिन मेनन का कबूलनामा
भारतीय स्टार क्रिकेटर अंपायर पर बनाते हैं दबाव

नई दिल्ली. नितिन मेनन (Nitin Menon) पिछले तीन सालों से भारत के दिग्गज सितारों के बीच भारी दवाब में अंपायरिंग कर रहे हैं. इस बीच वह इतने परिपक्व हो गए कि आईसीसी एलीट पेनल के इस अंपायर की अगले महीने एशेज में पदार्पण की तैयारी भी पक्की हो गई. जून 2020 में आईसीसी एलीट पेनल में शामिल किए गए मेनन कोरोना महामारी के कारण विदेशियों की यात्रा पर प्रतिबंध के चलते भारत के अधिकांश घरेलू मैचों में अंपायरिंग करते नजर आए.

मेनन ने यूएई और ऑस्ट्रेलिया में आयोजित टी20 विश्व कप के मैचों में भी अंपायरिंग की और पिछले साल इंग्लैंड में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में भी अंपायरिंग करते दिखे. उन्होंने जून 2020 से 15 टेस्ट, 24 वनडे और 20 टी20 मैचों में अंपायरिंग की है. एशेज से पहले पीटीआई से बातचीत में मेनन ने कहा कि पिछले तीन साल में इतने मैचों में अंपायरिंग करना उनके लिए फायदेमंद रहा है.

यह भी पढ़ें- ENG vs AUS: बर्मिंघम में ब्रॉड-स्टोक्स की गेंदबाजी से दहले कंगारू बल्लेबाज, इंग्लैंड को मिली शुरुआती सफलताएं

उन्होंने कहा, ‘पहले दो साल भारतीय उपमहाद्वीप में काम करना शानदार रहा. टेस्ट मैचों में अंपायरिंग की और ऑस्ट्रेलिया तथा दुबई में दो टी20 विश्व कप में भी. मैं सर्वश्रेष्ठ मैच अधिकारियों और खिलाड़ियों के साथ काम कर रहा हूं जिससे अनुभव बेहतर हुआ. इससे मुझे खुद को भी जानने का मौका मिला कि दबाव में कैसा बर्ताव करता हूं.’

मेनन आखिरी तीन एशेज टेस्ट में अंपायरिंग करेंगे और दबाव का सामना करने को पूरी तरह से तैयार हैं. उन्होंने कहा, ‘भारतीय टीम जब भारत में खेलती है तो काफी हाइप रहती है. भारतीय टीम के कई बड़े सितारे आप पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं. वे 50-50 फैसले अपने पक्ष में कराने की कोशिश में रहते हैं लेकिन हम दबाव में भी नियंत्रण नहीं खोते और उनकी मांग पर फोकस नहीं करते.’

उन्होंने कहा, ‘इससे साबित होता है कि मैं हर परिस्थिति का सामना करने के लिये तैयार हूं. इससे मेरा आत्मविश्वास बढा है.’ मेनन का मानना है कि अंपायर को भी खिलाड़ियों की तरह शारीरिक और मानसिक रूप से तैयारी करनी पड़ती है. उन्होंने कहा, ‘जिम में समय बिताना और अच्छा खाना अहम है. जितने ज्यादा मैच, उतनी ही बेहतर मैच फिटनेस होगी क्योंकि छह सात घंटे खड़े रहना पड़ता है. मैं हफ्ते में छह दिन रोज 75 मिनट जिम में बिताता हूं. मानसिक ताकत के लिये कुछ नहीं करना होता, जितने ज्यादा मैच खेलते हैं उतना ही दबाव होता है और आप दबाव का सामना करने के लिये तैयार होते हैं.’

एशेज की तैयारी के बारे में उन्होंने कहा, ‘यह बेहतरीन श्रृंखला होगी. मैने इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच श्रृंखला में अंपायरिंग की थी. मुझे पता है कि ‘बाजबॉल’ क्या है और क्या अपेक्षा करनी है. हर मैच में बहुत कुछ दाव पर होगा लेकिन मैं बेसिक्स पर अमल करूंगा और उसके अनुसार ही फैसले लूंगा.’ (भाषा इनपुट के साथ)

Tags: India, Nitin Menon, Team india

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें