आज का पंचांग 15 जून 2023: मिथुन संक्रांति और गुरु प्रदोष व्रत साथ, जानें शुभ समय, अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशाशूल

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हाइलाइट्स

सूर्य की मिथुन संक्रांति आज शाम 06 बजकर 29 मिनट पर है.
आज द्वादशी तिथि सुबह 08:33 बजे खत्म होगी और त्रयोदशी तिथि लग जाएगी.
शाम के समय में शिव जी की प्रदोष पूजा की जाएगी.

आज का पंचांग 15 जून 2023: आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि, भरणी नक्षत्र, सुकर्म योग, करण तैतिल और दिन गुरुवार है. सूर्य की मिथुन संक्रांति आज शाम 06 बजकर 29 मिनट पर है. मिथुन संक्रांति के अवसर पर पवित्र नदी में स्नान के बाद दान करने का विधान है. इससे पुण्य मिलता है और ग्रह दोष भी दूर होते हैं. आज सूर्य देव वृष राशि से निकलकर मिथुन में प्रवेश करेंगे, इसका प्रभाव सभी राशियों पर होगा. सूर्य देव 15 जून से 17 जुलाई तक मिथुन में रहेंगे. आज से सौर कैलेंडर का नया माह मिथुन भी प्रारंभ हो रहा है.

मिथुन संक्रांति के साथ आज गुरु प्रदोष व्रत भी है. यह आषाढ़ माह का पहला प्रदोष व्रत है. आज द्वादशी तिथि सुबह 08:33 बजे खत्म होगी और त्रयोदशी तिथि लग जाएगी. त्रयोदशी तिथि के प्रदोष काल में ही प्रदोष व्रत का पूजन होता है. इस वजह से गुरु प्रदोष व्रत आज है और शाम के समय में शिव जी की प्रदोष पूजा की जाएगी. गुरु प्रदोष व्रत करने से शत्रुओं पर विजय मिलती है. प्रदोष व्रत रखने और भगवान भोलेनाथ की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और कष्ट मिटते हैं.

गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की भी पूजा का है. आज भगवान विष्णु और शिव पूजा का सुंदर संयोग बना है. गुरुवार व्रत करने वाले विष्णु जी की पूजा पीले फूल, हल्दी, अक्षत्, तुलसी के पत्ते, पंचामृत, गुड़, चने की दाल आदि से करें. उसके बाद व्रत कथा सुनें. घी के दीपक से आरती करें. इस दिन केले के पौधे की भी पूजा करते हैं क्योंकि उसमें भगवान श्रीहरि का वास होता है. गुरुवार व्रत से गुरु दोष भी दूर होता है. आज के पंचांग से जानते हैं शुभ मुहूर्त, दिशाशूल, राहुकाल आदि.

15 जून 2023 का पंचांग
आज की तिथि – आषाढ़ कृष्ण पक्ष द्वादशी
आज का नक्षत्र – भरणी
आज का करण – तैतिल
आज का पक्ष – कृष्ण
आज का योग – सुकर्म
आज का वार – गुरुवार
आज का दिशाशूल – दक्षिण

सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय – 05:53:00 AM
सूर्यास्त – 07:26:00 PM
चन्द्रोदय – 27:36:00
चन्द्रास्त – 16:48:59
चन्द्र राशि – मेष

हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत – 1945 शुभकृत
विक्रम सम्वत – 2080
दिन काल – 13:57:26
मास अमांत – ज्येष्ठ
मास पूर्णिमांत – आषाढ़
शुभ समय – 11:53:33 से 12:49:22 तक

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)
दुष्टमुहूर्त– 10:01:53 से 10:57:43 तक, 15:36:52 से 16:32:41 तक
कुलिक– 10:01:53 से 10:57:43 तक
कंटक– 15:36:52 से 16:32:41 तक
राहु काल– 14:21 से 16:02 तक
कालवेला/अर्द्धयाम– 17:28:31 से 18:24:21 तक
यमघण्ट– 06:18:34 से 07:14:24 तक
यमगण्ड– 05:22:44 से 07:07:25 तक
गुलिक काल– 09:16 से 10:58 तक

Tags: Astrology, Dharma Aastha

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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