अब राजस्थान के इन नदियों का पानी नहीं जाएगा गुजरात, रोकने के लिए बनाया प्लान

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 जुगल कलाल/ डूंगरपुर. गुजरात से सटा डूंगरपुर ज़िले का पानी बहकर गुजरात चला जाता था. जिसे की यहां के किसान और लोगों पानी लाभ नहीं मिलता था. लेकिन, अब सरकार और सिंचाई विभाग पानी को गुजरात जाने से रोकने के लिए उपाय ढूंढ लिया है. अब डूंगरपुर की सबसे बड़ी नदी माही व सोम से बहकर गुजरात जाने वाले पानी को रोकने की कार्ययोजना पर सिंचाई विभाग की ओर से काम किया जा रहा है. सिंचाई विभाग की ओर से दोनों नदियों पर विभिन्न स्थानों पर करीब 175 करोड़ की लागत से 22 एनीकटों का निर्माण कार्य चल रहा है. इसमें से कुछ एनीकट का काम पूरा होने को है, वहीं कुछ निर्माणाधीन हैं. इधर, एनीकटों के बनने से जहां पानी को रोकने में मदद मिलेगी. वहीं इसके साथ ही भू गर्भ में पानी के रिचार्ज के साथ आसपास रहने वाले लोगों को पेयजल व सिंचाई के पानी मिल पाएगा.

माही और सोम नदी का पानी जाता है गुजरात

प्रदेश के आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में बारिश के मौसम में नदियों से बड़ी मात्रा में पानी गुजरात बहकर चला जाता है . जिसके चलते उस पानी का स्थानीय लोगों को लाभ नहीं मिल पाता है. इस सम्बन्ध में स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों से उक्त पानी को रोकने की कई बार मांग उठाई. उसी को देखते हुए सिंचाई विभाग ने जिले से गुजरने वाली दो मुख्य माही और सोम नदी पर विभिन्न स्थानों पर एनीकट बनाकर पानी रोकने की कार्ययोजना बनाई.उसी कार्ययोजना के तहत राज्य सरकार ने डूंगरपुर जिले में वर्ष 2021-22 और वर्ष 2022-23 में कुल 22 एनीकट बनाने की स्वीकृति दी.

डूंगरपुर जिले के सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता फूलचंद मीणा ने बताया कि बारिश के समय गुजरात बहकर जाने वाले पानी को रोकने के लिए 22 एनीकट स्वीकृत किए गए हैं. इसमें से 3 एनीकट का कार्य पूरा हो चुका है. वहीं शेष 6 एनिकट का कार्य 70 से 80 फीसदी हो चुका है. मीणा ने बताया कि बारिश के समय नदियों से पानी बहकर व्यर्थ ही गुजरात चला जाता था . जिसके चलते नदियों के आसपास के लोगों को उस पानी का लाभ नहीं मिल पाता था . अब इन 22 एनिकटों का कार्य पूर्ण होने से इन एनीकट से पानी रुकेगा.

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FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 21:28 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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