कौशाम्बी— बारावफात के अवसर पर बुधवार को जिले के विभिन्न कस्बों और गांवों में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर अमन, शांति और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस फोर्स तैनात रही।
पुरखास गांव स्थित खानका हबीबिया असरारिया से सज्जादानशीन सैयद अनवारूल्लाह शाह सफी मियां की सरपरस्ती और इकलाख सफी मियां की कयादत में जुलूस निकाला गया। इसमें मदरसे के बच्चों, मौलानाओं और ग्रामीणों के साथ आसपास के गांवों के लोग भी शामिल हुए।
प्रबंधक सैयद मोहम्मद जिसान सफी की दावत पर मशहूर शायर अहमदुल फत्ताह फैजाबादी ने शिरकत की। उन्होंने अपना कलाम पेश किया, जिसे सुनकर लोग झूम उठे। सैयद अम्मार सफी और सैयद मोहम्मद मुस्तफा मियां ने भी प्रस्तुति दी।
मुफ्ती नूर आलम और मौलाना अब्दुल मन्नान मिसबाही ने पैगंबर की जिंदगी और उनके अमन व शांति के संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने, पड़ोसियों के हक अदा करने और देश से मोहब्बत करने की अपील की। जुलूस में तिरंगा भी शामिल रहा।
पुरखास के जुलूस में मिन्हाजपुर, बजहा, हसनपुर सहित आसपास के गांवों के लोग शामिल हुए। वहीं सराय अकिल में मदरसा फैजुल इस्लाम आजाद नगर से जश्ने ईद मिलादुन्नबी का जुलूस निकला। जुलूस कस्बे से होते हुए जामा मस्जिद पहुंचा और वापस मदरसे में आकर समाप्त हुआ। इस दौरान नात शरीफ और सलाम पेश किया गया तथा देश में अमन-शांति के लिए दुआ की गई।
नगर पंचायत चायल में भी बारावफात का जुलूस गिरिया रोड तक निकाला गया। पिपरी थाना पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए पूरे मार्ग पर निगरानी रखी। यातायात व्यवस्था पर भी पुलिस की नजर रही। पुलिस की सक्रियता और स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी जुलूस शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुए।






