पांच दिनों में 300 से अधिक लोक कलाकार देंगे प्रस्तुतियां, आकर्षक झांकियां बनीं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र

 

चित्रकूट। परमहंस संत श्री रणछोड़दास जी महाराज द्वारा स्थापित श्री रघुवीर मंदिर, बड़ी गुफा, जानकीकुंड में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी श्रावण झूला उत्सव का हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। श्रावण शुक्ल एकादशी से पूर्णिमा तक आयोजित होने वाले इस पांच दिवसीय उत्सव में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए ग्रामीण एवं लोक कलाकार युगल सरकार के समक्ष पारंपरिक झूला गीतों एवं लोक प्रस्तुतियों से भक्ति की अनूठी छटा बिखेर रहे हैं।

झूला उत्सव के प्रथम एवं द्वितीय दिवस पर ही 100 से अधिक लोक कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। पांच दिनों के इस आयोजन में 300 से अधिक लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। पारंपरिक लोकगीतों, झूला गीतों एवं ग्रामीण लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां उत्सव को विशेष आकर्षण प्रदान कर रही हैं। आगामी दिनों में भी देश के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों की विविध एवं मनोहारी प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को देखने-सुनने को मिलेंगी।

गुरुकुल विद्यार्थियों ने प्रस्तुत कीं जीवंत झांकियां

झूला उत्सव के साथ श्री राम संस्कृत महाविद्यालय के गुरुकुल विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न पौराणिक एवं लौकिक प्रसंगों पर आधारित सजीव एवं आकर्षक झांकियां भी प्रस्तुत की जा रही हैं। विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा एवं अभिनय के माध्यम से श्रीराम-भरत मिलाप, सीता स्वयंवर, हस्तिनापुर राजसभा तथा राम-रावण युद्ध जैसे प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

इसके साथ ही पद्मश्री डॉ. बी.के. जैन के जीवन एवं सेवाकार्यों पर आधारित मनमोहक जीवंत झांकी भी श्रद्धालुओं के विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। झांकियों के माध्यम से धार्मिक, पौराणिक एवं सामाजिक जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। इन झांकियों को देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंच रहे हैं।

फूलों और रोशनी से सजा मंदिर परिसर

झूला उत्सव को लेकर पूरे रघुवीर मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों एवं रंग-बिरंगी रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिर की सजावट और विद्युत रोशनी के बीच झूले पर विराजमान युगल सरकार के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक एवं मनोहारी अनुभव का केंद्र बने हुए हैं। संपूर्ण मंदिर परिसर में उत्सव का भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।

प्रतिदिन शाम 6 से 9 बजे तक आयोजन

आयोजन समिति ने चित्रकूट सहित आसपास के सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से अपील की है कि वे इस पारंपरिक एवं भक्तिमय झूला उत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों और झूला गीतों, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों तथा पौराणिक एवं ऐतिहासिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियों का आनंद लें।

झूला उत्सव के कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजन समिति ने सभी चित्रकूटवासियों से इस पांच दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सव में सपरिवार पधारकर युगल सरकार के दर्शन करने तथा लोक संस्कृति एवं सनातन परंपरा से जुड़ी इन मनोहारी प्रस्तुतियों का आनंद लेने का आग्रह किया है।

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Comment

Read More