कौशाम्बी। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जिला कारागार में भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिला। जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंची बहनों ने उन्हें भविष्य में किसी भी तरह का अपराध न करने और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर बेहतर जीवन जीने का वचन लिया।
कौशाम्बी जिला कारागार के अधिकारियों ने रक्षाबंधन पर्व को विशेष तरीके से मनाया। जेल अधीक्षक अजितेश कुमार के निर्देशन में कैदी भाइयों से मिलने पहुंची उनकी बहनों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। बहनों को अपने भाइयों से मुलाकात करने और उनकी कलाई पर राखी बांधने का अवसर मिला।
आमतौर पर जेलों में सुरक्षा व्यवस्था के चलते बंदियों और उनके परिजनों के बीच लोहे की जाली या अन्य सुरक्षा व्यवस्था रहती है। रक्षाबंधन के दिन बहनें उसी जाली के बीच से भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं।

लेकिन कौशाम्बी जिला कारागार में इस बार बहनों को भाइयों से मुलाकात के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे बहनों के चेहरे पर खुशी नजर आई।
भाई-बहन की मुलाकात के दौरान भावुक माहौल रहा। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनसे वादा लिया कि जेल से बाहर निकलने के बाद वह दोबारा किसी गलत काम में शामिल नहीं होंगे और अपराध से दूर रहकर सम्मानजनक जीवन व्यतीत करेंगे।

जेल अधीक्षक अजितेश कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है। ऐसे अवसर बंदियों में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जेल प्रशासन का प्रयास है कि बंदियों में सुधार की भावना पैदा हो और वे भविष्य में अपराध से दूर रहें।






