प्रयागराज : मौसम में बदलाव और बढ़ती उमस के बीच संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। अस्पतालों की ओपीडी में इन दिनों खांसी, बुखार और जुकाम से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार सामने आ रही है। वहीं, देश के कुछ हिस्सों में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी सतर्कता बढ़ा दी है।
संगम नगरी प्रयागराज में फिलहाल स्वाइन फ्लू का कोई पॉजिटिव मरीज सामने नहीं आया है। इसके बावजूद संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं। शासन के निर्देश के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा कर रहा है।
मोतीलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. ए.के. वर्मा के मुताबिक, स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए एसआरएन अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में स्थित वार्ड नंबर-7 को रिजर्व किया गया है। इसके अलावा पीएमएसएसवाई बिल्डिंग में भी कुछ बेड स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।

प्राचार्य के मुताबिक H1N1 एक सीजनल फ्लू है और देश के महाराष्ट्र, कर्नाटक तथा दिल्ली जैसे राज्यों में इसके मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में प्रयागराज में भी एहतियात के तौर पर इलाज और जांच से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।
स्वाइन फ्लू की पहचान के लिए RT-PCR और TrueNat जांच की जाती है। मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में दोनों तरह की जांच की सुविधा उपलब्ध होने का दावा किया गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन संभावित संक्रमण को देखते हुए अस्पतालों को पूरी तरह तैयार रखा जा रहा है।
बदलते मौसम में लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। खास तौर पर बुखार, लगातार खांसी, जुकाम या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेने और खुद से दवा लेने से बचने की सलाह दी गई है।






