Street Food : क्या आपने चखी है गुड़ वाली जलेबी? छपरा में यहां कोयले की आंच में ऐसे होती है तैयार

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विशाल कुमार/छपरा. जलेबी जितनी खाने में स्वादिष्ट उतनी ही मशहूर भी है. भारत में आपको प्रायः मिल जाएगी. स्वाद और मिठास थोड़ा अलग हो सकता है. आज बात करेंगे चीनी वाली नहीं गुड़ वाली जलेबी की. जो बिहार के छपरा में आपको इस दुकान पर बनती है. छपरा के रिविलगंज में जलेबी की एक खास दुकान है. जहां की जलेबी काफी स्वादिष्ट होती है.

इस मिठाई को खाने के लिए जिले के रिविलगंज गोदना मोड़के पास दीपक मिष्ठान भंडार दुकान पर जाना पड़ेगा. यहां की जलेबी स्वाद के मामले में काफी प्रसिद्ध है. जो एक बार चख लेते हैं दोबारा यहां आता है. 50 वर्ष से अधिक पुराना दीपक मिष्ठान भंडार लोगों को शुद्ध जलेबी चखा करदिलों पर राज कर रहें हैं. इस दुकान में जलेबी खाने के लिए छपरा के हर कोने से लोग पहुंचते हैं.

25 साल वही स्वाद और क्वालिटी
दीपक मिष्ठान भंडार पिछले 50 वर्षों से जिलेवासियों को रसगुल्ला, छेना सहित प्रसिद्ध मिठाई एटम बम खिला रहाहै. हालांकि दीपकमिष्ठान भंडार ने अपनी क्वालिटी से कभी समझौता नहीं किया. मिठाई के स्वाद के संबंध में ग्राहक विनय कुमार ने बताया कि पिछले 25 वर्षों से यहां की जलेबी खा रहे हैं. जलेबी में जो स्वाद पहले मिलता था, वही स्वाद आज भी कायम है. उन्होंने बताया कि यह दुकान रिविलगंज में काफी प्रसिद्ध है.

50 से 70 किलो जलेबी की रोजाना हो जाती है बिक्री
जलेबी दुकानदार दीप कुमार ने बताया कि गोदना सेमरिया यहां मेला आयोजित किया जाता हैं. जिस मेले में इसी दुकान के वजह से गुड़ कीजलेबी फेमस है. कोयले की आंच पर मैदा और गुड़ से जलेबी बनाई जाती है. वहीं सबसे पहले मैदा और कलर को पानी में मिलाकर घोल तैयार किया जाता है. उस के बाद उसे 1 से 2 दिन के लिए छोड़ दिया जाता है. जब घोल तैयार हो जाता है. उसके बाद उसे एक कपड़े में उठाकर रख दिया जाता है. खौलते हुए तेल में जलेबी बनाई जाती है. जलेबी छान लेने के बाद, बनाए हुए गुड़ के पाग में डुबाया जाता है. जिसके वजह से उस में गुड़ का रस घुस जाता है.

उन्होंने बताया कि इस वजह से जलेबी का स्वाद काफी खास हो जाता है. लोग इसे काफी दूर-दूर से खरीदने के लिए आते हैं. उन्होंने बताया कि 100 रूपए प्रति किलो के हिसाब से बेचा जाता है. दुकानदार दीपक कुमार ने बताया कि इस दुकान पर रोजाना 45 से 55 किलो जलेबी खपत है. जबकि मेले में प्रतिदिन 2 से 3 क्विंटल जलेबी बेची जाती है.

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Author: Up Head Line

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