
उधव कृष्ण/पटना. मान्यताओं के अनुसार शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है. न्यायाधीश के रूप में वे बहुत ही कठोर माने जाते हैं. इसीलिए उन्हें क्रोधी ग्रह भी माना जाता है. इसलिए शनिदेव का नाम सुनते ही लोगों के मन में भय का भाव आ जाता है.
कुंडली में शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव से पीड़ित जातक को शारीरिक और मानसिक पीड़ा के साथ ही कई आर्थिक संकटों का भी सामना करना पड़ता है. इसलिए हम आपको यहां शनि यंत्र के फायदे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी पूजा करके आप शनिदेव की कृपा प्राप्त करके अपना जीवन सुखद और सफल बना सकते हैं.
शुभ परिणाम देता है शनि यंत्र
शनिदेव को प्रसन्न रखने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कई उपाय भी बताए गए हैं. इन उपायों में से एक सिद्ध और प्रभावशाली उपाय शनि यंत्र को माना गया है. पटना के मशहूर ज्योतिषाचार्य ऋषि कुलश्रेष्ठ की माने तो शनि यंत्र की नियमित पूजा करने और इसे घर में स्थापित करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं. इससे जातक को जीवन में शुभ परिणाम मिलने लगते हैं.
जानिए शनि यंत्र को स्थापित करने का तरीका ?
ज्योतिषाचार्य ऋषि कुलश्रेष्ठ बताते हैं कि शनिवार को शनि यंत्र की स्थापना करनी चाहिए. विधि विधान से पूजा-अर्चना करनेके लिए सुबह जल्दी उठकर, स्नानादि से निवृत्त होकर घर के पूजा स्थल की अच्छी तरह साफ-सफाई करके वहां शनि यंत्र स्थापित किया जा सकता है. इसके बाद शनि यंत्र के सामने बैठकर 11 बार “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें. इसके बाद यंत्र पर गंगाजल छिड़कें और हाथ जोड़कर मन में शनिदेव से प्रार्थना करें कि वह आप पर अपनी कृपा बनाए रखें.
ऋषि कुलश्रेष्ठ की माने तो ऐसी मान्यता है कि शनि यंत्र की स्थापना के बाद इसकी नियमित पूजा करना जरूरी होता है. अन्यथा शुभ फल प्राप्त नहीं हो पाता. वे आगे कहते हैं कि अगर आप शनि यन्त्र की नियमित पूजा कर सकतेहैं तो ही स्थापना करें, अन्यथा नहीं करें. इसके अलावा यदि आप शनि यंत्र को अपने पर्स या गले में धारण कर रहे हैं तो उपरोक्त विधि की तरह ही स्नान के पश्चात शनि यंत्र को अपने हाथ में लेकर विधिपूर्वक पूजन और मंत्र जाप के उपरांत उसे धारण करें. इस बात का खास ख्याल रखें कि शरीर पर धारण किए गए यंत्र को कभी भी पूजा स्थल पर स्थापित नहीं करना चाहिए.
(नोट:- यह खबर मान्यताओं के आधार पर है. न्यूज़ 18 लोकल इन तथ्यों की पुष्टि नहीं करता.)
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FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 20:03 IST






