पश्चिमी राजस्थान को मिलेगी विदेशी बबूल से मुक्ति, जापान के प्रोजेक्ट से लगाए जाएंगे लाखों पौधे

 पुनीत माथुर/ जोधपुर. विदेशी बबूल अगर खेत में उग आता है तो इसके नीचे दूसरी फसल या कोई पौधा भी नहीं होता है. अब वन विभाग ने इस विदेशी बबूल के उन्मूलन की पूरी तैयारी कर ली है. पश्चिमी राजस्थान में यह प्रोजेक्ट बहुत लाभदायक होगा इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद पश्चिमी राजस्थान के लोगों को विदेशी बबूल से मुक्ति मिलेगी जो महज लकड़ी की आवश्यकता की पूर्ति के अलावा किसी काम का नहीं था.

पश्चिमी राजस्थान का जिक्र आते ही रेगिस्तान के धोरे और यहां की तपती धूप जेहन में आती है. वहीं जेहन में आते हैं यहां के विदेशी बबूल जिनके कांटे चुभने पर परेशानी खड़ी हो जाती है. दरअसल आजादी के बाद सरकार ने रेगिस्तान को हरा-भरा करने के लिए बड़ी संख्या में विदेशी बबूल के बीजों का छिड़काव किया था और उसका ही नतीजा है कि आज जोधपुर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में विदेशी बबूल है. यह विदेशी बबूल महज लकड़ी के लिए ही काम आता है.

दरअसल राजस्थान में अगले साल जापान की मदद से एक बड़ा प्रोजेक्ट शुरू हो रहा है और इस प्रोजेक्ट में लाखों की संख्या में पौधे लगाए जाएंगे. इस प्रोजेक्ट में विदेशी बबूल को हटाकर उसका पूरा उन्मूलन किया जाएगा और देसी पौधे लगाए जाएंगे जिनमें खेजड़ी, नीम, रोहिडा, पीपल, बेर शामिल है. इसके लिए वन विभाग ने अपने स्तर पर लगभग तैयारियां भी पूरी कर ली है.

बहरहाल विदेशी बबूल के उन्मूलन को लेकर वन विभाग ने अपनी पूरी योजना बना ली है और इस विदेशी बबूल के उन्मूलन के बाद फिर से इस रेगिस्तानी इलाके को हरा-भरा करने के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट भी बना लिया गया है. उम्मीद है कि जापान की मदद से यह प्रोजेक्ट अगले साल शुरू होगा और रेगिस्तान को फिर से हरा भरा बनाएगा.

Tags: Hindi news, Local18, Rajasthan news

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More