
रिपोर्ट- सुमीत भारद्वाज
पानीपत. हरियाणा पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक व उनकी टीम ने एटीएम मशीन उखाड़ने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर गिरोह के सरगना समेत चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है. गिरोह के चारो बदमाश पंजाब के पटियाला जिला के रहने वाले हैं. पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने बुधवार को सीआईए वन स्टाफ में प्रेसवार्ता कर प्रकरण की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में जिला पानीपत की 6 वारदातों समेत सोनीपत, करनाल कुरूक्षेत्र कैथल अंबाला व पंजाब की 24 वारदातों को खुलासा हुआ है.
आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयोग एक फॉर्च्यूनर, एक मारूति गाड़ी, एक गैस कटर, 2 देसी पिस्तौल, एक रिवाल्वर, एक डोगा गन व 71 जिंदा गोलियां बरामद की गई हैं. आरोपी पिछले 5 सालों से वारदातों का अंजाम देने में सक्रिय थे. पहली बार ये पुलिस के हत्थे चढ़े हैं. एटीएम मशीन उखाड़कर आरोपी करोड़ों रूपए की चोरी कर चुके हैं. पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि 26 मई की रात गोहाना रोड पर यश बैंक की एटीएम मशीन उखाड़ने की वारदाता को अंजाम दिया गया था.
पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि उनके संज्ञान में उक्त मामला आते ही उन्होंने गिरोह को पकड़ने के लिए सीआईए वन प्रभारी इंस्पेटर दीपक व उनकी टीम को विशेष रूप से जिम्मेदारी सौपी थी. सीआईए वन टीम ने अपने सभी सोर्स एक्टिव करने के साथ ही करीब 200 किलोमीटर के दायरे में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की करीब 300 घंटे की फुटेज खंगाल कर गनहनता से विशलेषण कर आरोपियों का सुराग लगाया. इस बीच रविवार को मिली गुप्त सूचना पर दबिश देकर गिरोह के सरगना समेत चार बदमाशों को करनाल मुनक नहर पुल से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की.
आरोपियों की पहचान सुखविंद्र उर्फ सुखा व भूपेंद्र उर्फ पिंडा, गुरमीत उर्फ सोनू व देवेंद्र उर्फ राजू के रूप में हुई है. आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वह अन्य वारदात को अंजाम देने के लिए रविवार को करनाल में एटीएम मशीनों की रैकी करने के लिए आए थे. पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर हासिल कर पुलिस टीम ने पूछताछ की तो आरोपियों ने पानीपत में 6, करनाल में 5, कैथल में 3, कुरूक्षेत्र, अंबाला, सोनीपत की एक-एक वारदात के अतिरिक्त पंजाब में एटीएम मशीन उखाड़ने की 7 वारदातों को अंजाम देने बोर स्वीकारा.
आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त एक फॉर्च्यूनर, एक मारूती गाड़ी, एक गैस कटर, एक पट्टा, 2 देसी पिस्तौल, एक रिवाल्वर, एक डोगा गन व 71 जिंदा गोलियां बरामद किये. शातिर आरोपी पुलिस पकड़ से बचने के लिंक रास्तों का प्रयोग करते थे. हाइवे पर लगते शहरों में मारूति कार से पहले एटीएम की रैकी करते, इसके एक दो दिन बाद फॉर्च्यूनर गाड़ी से आते और वारदात को अंजाम देकर उन्ही रास्तों से फरार हो जाते थे.
आरोपी सुखविंद्र ने 12वीं पास है और वर्ष 1997 में सेना में भर्ती हुआ था. वर्ष 2001 में छुट्टी पर आने के बाद वो वापस नहीं गया तो आरोपी को सेना से भगोड़ा घोषित कर दिया था. आरोपी ने बाद में करीब 5 साल टैक्सी चलाई. इस दोरान उसको पंजाब व हरियाणा के सभी मार्गों की जानकारी हो गई थी. आरोपी वारदात को अंजाम देने में गाड़ी स्वयं ड्राइव करता था. कुछ वारदातों को अंजाम देने के बाद आरोपी वर्ष 2018 में दुबई चला गया था. वहां से करीब 10 महीने बाद वापस भारत आकर दोबारा से गिरोह बना लिया और हरियाणा व पंजाब के अलग-अलग जिलों में एटीएम मशीन उखाड़ने की विभिन्न वारदातों का अंजाम दिया. आरोपी भूपेंद्र अनपढ़ है और गिरोह के सरगना आरोपी सुखविंद्र का छोटा भाई है आरोपी 9 वारदातों में शामिल रहा है.
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Tags: Crime News, Haryana news
FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 19:01 IST






