
उधव कृष्ण/पटना.दुनियाभर में अनगिनत खेल और उसे खेलने वाले असंख्य लोग हैं. पर उनमें से कुछ खेल ऐसे हैं जिनमें विशिष्ट रूप से शरीर के किसी भाग का उपयोग होता है. जैसे फुटबॉल में प्रमुख रूप से पैरो का, आर्म रेसलिंग में हाथों का, उसी तरह से चेस यानी शतरंज में विशिष्ट रूप से दिमाग का इस्तेमाल किया जाता है. आप हेडलाइन से तो समझ ही गए होंगे कि इस खबर में हम चेस की ही बात करने जा रहे हैं. चेस का नाम आते ही लोगों की जुबां पर विश्वनाथन आनंद का नाम आता है, तो चलिए आज आपको हम बिहार के एक ऐसे ही लिटिल विश्वनाथन आनंद से रूबरू करवाते हैं, जो सिर्फ चेस के खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक दिन के कमिश्नर भी रह चुके हैं.
वर्तमान में पटना के प्रक्रीड़ा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में स्टेट चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे 09 साल के अतुल्य प्रकाश सिन्हा मूल रूप से गया के खिजरसराय अंतर्गत जमुआवां ग्राम के रहने वाले हैं. अतुल्य बताते हैं कि कुछ वर्ष पहले अंडर 6 चेस चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने पर मगध प्रमंडल के वर्तमान आयुक्त ने उन्हें सम्मानित करने हेतु अपनी कुर्सी पर बैठाया था और उन्हें एक दिन का कमिश्नर घोषित किया था.
नाम के अनुरूप खेल में भी हैं अतुल्य
अतुल्य प्रकाश बताते हैं कि उन्होंने अनगिनत चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है. कई बार खेल में उन्हें जीत हासिल हुई है, तो कई बार हारे भी हैं. वे आगे कहते कि अभी तक उन्होंने बहुत कुछ अचीव किया है और बहुत कुछ लॉस भी किया है. हालांकि, उनका लक्ष्य हर बार खेल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है. इसी कारण वे चेस की खूब प्रैक्टिस भी करते हैं.
अतुल्य चेस में बनाना चाहते हैं कैरियर
इतनी कम उम्र में ही चेस के चैंपियन बन चुके अतुल्य की माने तो मात्र 04 वर्ष की उम्र से ही वे चेस खेल रहें है. वे कहते हैं कि उन्हें चेस खेलना बहुत अच्छा लगता है और आगे भी चेस खेलना जारी रखेंगे. अतुल्य ने आगे बताया कि उनकी बहन भी अच्छी चेस प्लेयर हैं और यंगेस्ट चेस प्लेयर होने का वर्ल्ड रिकार्ड भी उसके नाम दर्ज है.
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FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 16:45 IST






