
मोहित शर्मा /करौली. गर्मी के मौसम में प्यास बुझाने के लिए परोपकारी लोग मानवसेवा के लिए क्या कुछ नहीं करते हैं. कोई हाईवे और कुछ सार्वजनिक स्थानों पर पानी के स्टॉल लगवाते हैं. यहां तक कि कई लोग तो इस मौसम की शुरुआत के साथ ही बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए पेड़ों पर भी कुछ बांधकर इंतेजाम करते हैं. लेकिन आज हम बात कर रहे हैं राजस्थान की एक ऐसी ग्राम पंचायत की जहां पर भीषण गर्मी के मौसम में आवारा पशुओं का भी ख्याल रखते हुए दर्जनों पशु प्याऊ लगाए गए हैं. जो इस भीषण गर्मी के मौसम में प्यास बुझाने के लिए आवारा पशुओं के लिए सहारा बने हुए हैं.
करौली की सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता के मामले में मॉडल बनकर उभर रही है सनेट ग्राम पंचायत. जहां के युवा सरपंच और युवा उपसरपंच ने मिलकर गांव के दर्जनों स्थानों पर आवारा पशुओं की प्यास बुझाने के लिए पशु प्याऊ लगाकर समाज के लिए एक अनूठी और प्रेरणा लेने वाली मिसाल कायम की है.
पानी की किल्लत को देखते हुए लगाए है यह पशु प्याऊ
सनेट गांव के युवा सरपंच अनिल चौधरी ने बताया कि इतनें तेज तापमान को देखते हुए पानी की जो इन दिनों किल्लत चल रही है. जिसमें मानव तो कहीं ना कहीं से पानी की समस्या का हल ढूंढ लेता है. लेकिन जो हमारे आवारा पशु इस भीषण गर्मी में प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर घूमते रहते हैं. ऐसे ही पशुओं की समस्या को देखते हुए हमने अपनी ग्राम पंचायत में 15-20 जगह चिन्हित करके ऐसे पशुओं के लिए प्याऊ लगवाएं हैं.
रोज सुबह शाम टैंकरों से भरवाते हैं उनमें पानी
युवा सरपंच का कहना है कि ग्राम पंचायत में हमने जहां-जहां भी पशु प्याऊ लगवाए हैं. उनमें हम सुबह शाम आवारा पशुओं की प्यास का ख्याल रखते हुए टैंकरों के माध्यम से शुद्ध और ताजा पानी भरवाते हैं. हमारी इस पहल से भीषण गर्मी के मौसम में आवारा पशुओं को भी राहत प्रदान हो रही है.
धर्म का धर्म और कर्म का कर्म हैं यह पुनीत कार्य
गांव के उपसरपंच जीतेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि आवारा पशुओं की प्यास बुझाने के लिए पशु प्याऊ लगवाने के पीछे हमारा मुख्य उद्देश्य है कि इधर उधर पानी की तलाश में घूमने वाले आवारा पशुओं को आसानी से पीने के लिए पानी मिल जाए. हमारी इस पहल से हम धर्म का धर्म और कर्म का कर्म भी पशुओं की प्यास बुझाकर निभा रहे हैं.
.
FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 12:52 IST






