
हाइलाइट्स
एलियंस को धरती का कोई मैसेज मिला हो, जवाब धरती पर आने में लग सकते हैं 27 साल
कम से कम 100 सुपरनोवा पृथ्वी से 300 प्रकाश वर्ष दूर हैं
वैज्ञानिकों उनके आसपास कोई आबाद ग्रह होने का पता लगाने को कर रहे रिसर्च
वॉशिंगटन. दुनिया के वैज्ञानिकों के लिए अभी तक एलियन रहस्य बने हुए हैं. बावजूद इसके वैज्ञानिक रिसर्च के जरिये एलियंस से संपर्क करने की लगातार कोशिश करते आ रहे हैं. ऐसे में वॉशिंगटन विश्वविद्यालय (University of Washington) के वैज्ञानिकों ने एक नया अध्ययन किया है और इसमें दावा किया है कि उन्होंने नया ‘सुपरनोवा’ (Supernova) खोजा निकाला है जो कि एलियंस से संवाद कर सकेगा. यह ‘सुपरनोवा’ पृथ्वी से करीब 21 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित बताया जाता है. वैज्ञानिकों का यह भी दावा है कि यह ‘एलियंस’ के संचार के लिए एक प्रकाशस्तंभ में बदल सकता है. यह सुपरनोवा पिनव्हील आकाशगंगा में स्थित है. वॉशिंगटन विश्वविद्यालय के खगोलविदों (Astronomers) की टीम ने टाइप II सुपरनोवा SN 2023ixf पर अपनी जगहें स्थापित की हैं.
इस बीच देखा जाए तो अभी तक धरती पर कई बार लोग एलियंस या यूएफओ देखने का दावा कर चुके हैं. लेकिन शोधकर्ता यह भी मानते हैं कि एलियंस को धरती का कोई मैसेज मिला हो, लेकिन उनका जवाब धरती पर आने में 27 साल लग सकते हैं. वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपनी नई स्ट्डी में दावा किया है कि सुपरनोवा निकटतम नक्षत्रीय (तारकीय) विस्फोट है जो एक दशक में मानव आंखों द्वारा देखा गया है.
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स्पेस वेबसाइट न्यू साइटिंस्ट के मुताबिक वैज्ञानिकों का नवीनतम सिद्धांत इस धारणा से उपजा है कि कम से कम 100 सुपरनोवा पृथ्वी से 300 प्रकाश वर्ष (light years) दूर हैं और अब वे जांच कर रहे हैं कि क्या आबाद ग्रह (Inhabited planets) उनके आसपास हैं.
यदि सुपरनोवा को अलौकिक जीवों द्वारा देखा जाता है, तो इन एलियन सभ्यताओं द्वारा अन्य ग्रहों के साथ संचार करने के लिए ध्यान आकर्षित करने वाले के रूप में इसका उपयोग करने की संभावना है.
राष्ट्रीय खगोलीय वेधशाला (National Astronomical Observatory), गोज़ो ने SN 2023ixf का पता लगाया, जिसने शोधकर्ताओं को यह पता लगाने की अनुमति दी कि यह एक टाइप II सुपरनोवा था जो हमारे सूर्य के आकार से आठ गुना बड़ा तारा (Big as eight times size of our Sun) था.
जेम्स डेवनपोर्ट की अध्यक्षता वाली टीम ने अंडे के आकार के अंतरिक्ष क्षेत्र के इस शोध को करने के लिए ‘सेटी एलिपसॉइड’ का इस्तेमाल किया, जहां एलियन सभ्यताओं के पास खगोलीय घटना देखने के लिए पर्याप्त समय होने की संभावना है.
इस रिसर्च में ज़ोन के पास करीब 100 सितारों को शामिल करने का मौका है. एलन टेलीस्कोप ऐरे (ATA) का उपयोग उत्तरी कैरोलिना में खगोलविदों और वर्जीनिया में रॉबर्ट सी बर्ड ग्रीन बैंक टेलीस्कोप द्वारा सितारों का अध्ययन करने और यह समझने के लिए किया जा रहा है कि रहने योग्य ग्रह उन्हें घेरते हैं या नहीं.
arXiv में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि हम अगले कुछ महीनों के लिए महीने में एक बार एलिपोसिड पर फिर से जाने का इरादा रखते हैं क्योंकि नए सितारे नमूने में प्रवेश करते हैं, और अन्य बहु-तरंगदैर्ध्य सुविधाओं के साथ हमारे अवलोकनों को सिंक्रनाइज़ करने के लिए खुले हैं.
न्यू साइंटिस्ट से बात करते हुए, डेवनपोर्ट ने स्वीकार किया कि उनके और उनकी टीम के एलियंस के साथ संपर्क बनाने की संभावना कम है, लेकिन उनका मानना है कि यह एक प्रयासभर है. उन्होंने कहा कि सबसे बुरी बात यह होगी कि एक संकेत अंदर आ जाए और हम ध्यान न दें क्योंकि हमने देखने की जहमत नहीं उठाई.
एस्ट्रोफोटोग्राफर एंड्रयू मैककार्थी, जो अंतरिक्ष के खूबसूरत दृश्यों को कैप्चर करने के लिए प्रसिद्ध हैं, एपिक घटना को पकड़ने वाले पहले नागरिकों में से एक थे.
I applied the color palette from JWST’s shot of the same object to this. Basically hand-painted it since I haven’t collected color yet (but I will). Not bad considering my telescope costs slightly less! I removed my stars because they were all yucky and bloated. pic.twitter.com/sYh35d7xSJ
— Andrew McCarthy (@AJamesMcCarthy) June 14, 2023
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Tags: Asteroid, New Study, Research, Space news, World news in hindi
FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 11:48 IST






