USA Gas Stove War: अमेरिका में गैस चूल्हे पर क्यों मचा घमासान? संसद तक पहुंच गई बात, आमने सामने आ गए रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स


वाशिंगटन: रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत वाले संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिनिधि सभा यानी निचले सदन ने मंगलवार को कानून पारित करने के लिए मतदान किया, जो संघीय सरकार को गैस स्टोव पर प्रतिबंध लगाने से रोकता है. अमेरिका में गैस स्टोव की बहस पिछले साल एक अध्ययन के बाद शुरू हुई, जिसमें गैस स्टोव के उपयोग को बच्चों में अस्थमा के बढ़ते जोखिम से जोड़ा गया था. अमेरिका के स्वतंत्र उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा आयोग (Consumer Protect Safety Commission) के आयुक्त रिचर्ड ट्रुमका ने जनवरी में एक बयान में कहा था कि गैस चूल्हे के इस्तेमाल के लिए जरूरी मापदंड तय किया जाएगा. भविष्य में गैस स्टोव के उपयोग पर पाबंदी लगाने का फैसला भी हो सकता.

रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन वाला गैस स्टोव संरक्षण और स्वतंत्रता अधिनियम हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पारित हुआ. इसके समर्थन में 248 और विपक्ष में 180 वोट पड़े? जिसमें 25 से अधिक डेमोक्रेट्स ने इसके पारित होने के पक्ष में मतदान किया. रिपब्लिकन पार्टी का दावा है कि डेमोक्रेट्स और राष्ट्रपति जो बाइडेन का प्रशासन गैस चूल्हों पर हमला कर रहा है. प्रतिनिधि सभा के रिपब्लिकन सदस्य एलिस स्टेफानिक ने इसे ‘कट्टरपंथी, पागल और दर्दनाक’ करार दिया. केंटकी के रिपब्लिकन प्रतिनिधि थॉमस मैसी ने कहा, ‘यह गैस स्टोव को बचाने का युद्ध है. हम गैस स्टोव संरक्षण एवं स्वतंत्रता और गैस स्टोव बचाओ अधिनियम के जरिए इसे रोकेंगे.’

बुधवार को एक अलग बिल पर मतदान होगा. यह बिल स्टोवटॉप और ओवन के लिए सख्त ऊर्जा दक्षता मानकों को स्थापित करने वाले ऊर्जा विभाग के नियम को अवरुद्ध कर देगा. व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडेन रिपब्लिकन पार्टी के दोनों बिलों का विरोध करते हैं. उनका मानना है कि ये बिल अमेरिकियों को उनके ऊर्जा बिल में कटौती करने में मदद करने के सामान्य प्रयासों को अवरुद्ध करेंगे. डेमोक्रेटिक-नियंत्रित सीनेट में इनमें से किसी भी बिल के आगे बढ़ने की उम्मीद नहीं है. अमेरिका में 35 फीसदी घरों में गैस स्टोव का इस्तेमाल होता है. ऐसे में वहां प्रतिबंध की खबरों को लेकर विरोध हो रहा है.

गैस स्टोव से निकलने वाले प्रदूषकों से सांस की बीमारियों का खतरा
गैस स्टोव पर पाबंदी से होटल और रेस्तरां इंडस्ट्री पर खासा असर हो सकता है. अमेरिकी कंज्यूमर प्रोटेक्ट सेफ्टी कमीशन का कहना है कि गैस स्टोव के चूल्हे से निकलने वाले प्रदूषकों से सांस की बीमारियों का खतरा है. इससे बच्चों को अस्थमा हो सकता है.ऐसा नहीं है कि यह कोई नई जानकारी है. पांच दशक पहले इंग्लैंड और स्कॉटलैंड में शोधकर्ताओं ने 5000 से ज्यादा परिवारों में सर्वे करने पर पाया था कि कुकिंग गैस और अस्थमा में सीधा संबंध है. नए शोधों में पाया गया है कि कुकिंग गैस स्टोव नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड और पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म कणों का उत्सर्जन करते हैं, जिनसे फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंचता है.

गैस स्टोव की बजाय इलेक्ट्रिक इंडक्शन है काफी बेतहतर विकल्प
विशेषज्ञों के अनुसार, गैस स्टोव का बेहतर विकल्प इंडक्शन चूल्हा है. इससे खतरनाक गैसों का उत्सर्जन नहीं होता. अमेरिका में इनफ्लेशन रिडक्शन एक्ट के तहत गैस स्टोव की बजाय इलेक्ट्रिक इंडक्शन खरीदने वालों को टैक्स में 840 डॉलर यानी करीब 68000 रुपये तक की छूट का प्रावधान है. इंडक्शन खरीदने के लिए भी सब्सिडी दी जाती है. अस्थमा काउंसिल का सुझाव है कि प्रदूषित हवाओं को किचन से बाहर निकालने के लिए किचन में चिमनी लगाना या खिड़कियों को खोले रखना बेहतर है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में बच्चों में जो दमे की बीमारी हो रही है, उसमें 12.7 फीसदी के लिए गैस चूल्हा जिम्मेदार है. कुल साढ़े 6 लाख अमेरिकी बच्चों में अस्थमा गैस चूल्हे के कारण हुआ है.

Tags: America News, Joe Biden, Republican Party

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Author: Jagran Times

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