Gupt Navratri: 18 या 19 जून? कब शुरू हो रही गुप्त नवरात्रि, देवघर के ज्योतिषी से जानें सही तारीख

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 परमजीत कुमार/देवघर. साल भर में चार नवरात्रि मनायी जाती है. जो चेत माह में होने वाली वसंत नवरात्रि से शुरू होती है. दूसरा गुप्त नवरात्रि है जो आसाढ़ महीने में मनायी जाती है. तीसरा आश्विन मास का वसंती नवरात्रि है और अंतिम माघ मास में गुप्त नवरात्रि मनायी जाती है. यानि दो वसंत व दो गुप्त नवरात्रि मनाने की परंपरा है. आषाढ़ महीने के गुप्त नवरात्रि शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनायी जाती है. इस नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों के अलावा 10 महाविद्याओं का भी पूजन होता है. तंत्र-मंत्र की साधना के लिए गुप्त नवरात्री अच्छी मानी जाती है.

वहीं, बैद्यनाथधाम के ज्योतिषाचार्य का कहना है कि इस साल 18 जून को दिन के 11 बजकर 05 मिनट में आषाढ़ महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत हो रही है और अगले दिन 19 जून को दिन के 11 बजकर 13 मिनट पर इसकी समाप्ति होगी. उदया तिथि के अनुसार 19 जून से नवरात्रि मानी जाएगी.

कैसे अलग है यह नवरात्री
बैधनाथधाम के ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुदगल ने लोकल18 से बातचीत करते हुए कहा कि चैत्र और अश्विन महीने में पड़ने वाले नवरात्रि में पंडालों में माता की मूर्ति स्थापित कर पूजा की जाती है. लेकिन आषाढ़ महीने में मनाई जाने वाली यह गुप्त नवरात्रि अन्य नवरात्रों से अलग है. इसकी पूजा घर पर ही की जाती है. इसमें तंत्र विद्या की साधना होती है.

19 तारीख को घर में कलश रखकर नौ दिन तक माता दुर्गा का पाठ करें. इससे घर में सुख शांति बनी रहेगी और सारी मनोकामना पूर्ण होगी. इसके साथ ही गुप्त नवरात्रि इसलिए अलग है क्योंकि इस नवरात्री मे मां दुर्गे के नौ रूपों के साथ-साथ 10 महाविद्यायें मां काली, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुनेश्वरी, मां छिन्नमस्तिके, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला, की भी पूजा की जाती है.

9 दिन में नौ देवी की होती है पूजा
आषाढ़ गु्प्त नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी माता, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा, चौथे दिन कुष्मांडा माता, पांचवें दिन मां स्कंदमाता, छठे दिन मां कात्यायनी, सातवें दिन मां कालरात्रि, आठवें दिन मां महागौरी, नौवें यानी आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है.

क्या है शुभ मुहूर्त
आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत उदयातिथि के अनुसार 19 जून से नवरात्री आरंभ होने जा रही है. इस दिन सुबह 5 बजकर 23 मिनट से लेकर 7 बजकर 27 मिनट तक कलश स्थापन के लिए शुभ मुहूर्त माना गया है.

Tags: Local18, Navratri, Religion 18

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें