Satpura Bhawan Fire: सतपुड़ा भवन के बाहर कांग्रेस का धरना, जांच करने पहुंची टीम, 3 दिन में रिपोर्ट

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) स्थित महत्वपूर्ण प्रशासनिक इमारत सतपुड़ा भवन में सोमवार शाम लगी भीषण आग पर जैसे-तैसे काबू पा लिया गया, लेकिन इससे अब सियासी आग खूब भड़क रही है. पीसीसी चीफ कमलनाथ से लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह और कांग्रेस विधायक ने सरकार पर आगजनी की घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह आग लगी नहीं लगाई गई है. इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. मध्य प्रदेश की सरकार अपने घोटालों को छिपाने की कोशिश कर रही है.

वहीं सतपुड़ा भवन पहुंचे कांग्रेस विधायक दल को पुलिस कर्मियों ने अंदर जाने से रोक दिया. इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच नोंकझोंक भी हुई.  इसके बाद कांग्रेसी जमकर बवाल करते हुए सतपुड़ा भवन के सामने ही धरने पर बैठ गए.

तीन दिन बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगा जांच दल

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कांग्रेस के विरोध और आरोपों के बीच सरकार का एक जांच दल घटना की जांच करने सतपुड़ा भवन पहुंचा. इस टीम में एसीएस राजेश राजौरा, पीएस अर्बन नीरज मंडलोई, पीएस पीडब्ल्यूडी सुखबीर सिंह और एडीजी फायर शामिल थे. घटना स्थल से लौटने के बाद एसीएस राजौरा ने कहा कि विशेषज्ञ अपना काम कर रहे हैं. तथ्य सामने आएंगे और बयानों के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा. हम लोग पूरी तफ्तीश करेंगे.  3 दिन बाद रिपोर्ट सीएम शिवराज सिंह चौहान को सौंपी जाएगी. हम लोग लगातार घटनास्थल का दौरा कर रहे हैं. फॉरेंसिक की टीम भी मौके पर काम कर रही है. मौके से जो सैंपल मिले हैं उन्हें कलेक्ट किया जा रहा है.

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कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मौके पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह, विधायक पीसी शर्मा, फन्देलाल मार्को, सुनील सराफ समेत कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पूरे प्रदेश को लूटने का काम कर रही है. करोड़ों रुपये के घोटाले किए गए हैं. षड्यंत्र और साजिश के तहत आग लगाई गई है. सरकार के घोटाले खुलने वाले हैं इसलिए आग लगाई. नरसिंह कॉलेज मामले में सीबीआई जांच कर रही है. अरबों का घोटाला दबा हुआ है. अनुसूचित जाति – जनजाति का 3 हजार करोड़ रुपये  बिना बताए खा लिया गया. सरकार के इशारे पर यह आग लगाई गई है. जितनी फाइल और मामले बचे हैं उन्हें आग लगाने के लिए इतना कड़ा पहरा कर दिया गया है. इस पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय के जजों से कराई जानी चाहिए . जो लोग जांच कर रहे हैं उसका कोई औचित्य नहीं है.

Tags: Bhopal news, Mp news

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Author: Up Head Line

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