चंबल नदी में नहाने से पहले जान लें ये बात, कहीं गंवानी ने पड़ जाएं जान

अरविंद शर्मा/भिंड. चंबल नदी के अथाह पानी को देखकर अगर आपका मन इसमें नहाने का कर रहा है तो ये खबर आपको अलर्ट करने वाली है. आपको पता है कि इस नदी में करीब तीन हजार खतरनाक जलीय जीव हैं, जिनमें 2400 से ज्यादा घड़ियाल और मगरमच्छ एवं अन्य खतरनाक जीव हैं,जो आपको अपना आहार बना सकते हैं.

देश की प्रमुख बड़ी नदियों में चंबल नदी भी एक है. इस नदी में घड़ियाल और मगरमच्छों की संख्या हजारों में हैं. अकेले घड़ियाल ही यहां करीब ढाई हजार हैं. ऐसे खतरनाक जलीय जीव होने बावजूद इस नदी में हर रोज सैकड़ों लड़के नहाने जाते हैं, हालांकि ये जीव गहराई वाले क्षेत्र में रहते हैं, लेकिन कई बार छिछले पानी में आकर भी शिकार कर लेते हैं.कई मामले ऐसे आए हैं, जिनमें कई युवा और बच्चे या तो शिकार हो गए या नदी में गहराई की वजह से डूबकर मौत हो गई, लेकिन फिर भी चंबल में सैकड़ों लोग रोज नहाने जाते हैं. इस नदी में पिछले तीन साल में करीबन दर्जन भर लोगों की मौत हो चुकी है पर प्रशासन इस ओर से बेपरवाह है.

दो दिन पहले ही गड़ा गांव में 7 लड़के चंबल नदी में नहाने गए थे. इनमें से दो लड़के तैरते हुए गहरे पानी में चले गए, जहां डूबकर उनकी मौत हो गई. खबर मिलने के बाद प्रशासन पहुंचा, शवों को घड़ियाल या मगरमच्छ खा जाते उससे पहले ही रेस्क्यू कर इन्हें निकाल लिया गया, लेकिन अन्य नहाने वाले लोगों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया.

चंबल नदी में भारी संख्या में मछली का पालन होता है ऐसे में कई लोग मछली को आहार के लिए पकड़ने जाते हैं, लेकिन कभी ये खुद भी खतरनाक जलीय जीवों का आहार बन जाते हैं. हालांकि चंबल नदी में मछली आखेट प्रतिबंधित होने के कारण अवैध रूप से मछली पकड़ने वाले लोगों पर वन विभाग की टीम ने कार्रवाई भी की है.

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FIRST PUBLISHED : June 13, 2023, 17:27 IST

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Author: Jagran Times

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