02

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) में पढ़ने वाले गढ़चिरौली और गोंदिया के करीब 17 आदिवासी छात्र, जो कक्षा 12 की परीक्षा में शामिल हुए थे, उन्हें इस साल राज्य सरकार के आदिवासी विकास विभाग द्वारा गठित एक टीम द्वारा जेईई के लिए कोचिंग दी गई थी. न्यूज एजेंसी से बात करते हुए, अतिरिक्त आयुक्त आदिवासी विकास विभाग रवींद्र ठाकरे ने कहा कि उन्होंने विभाग के तहत आने वाले सभी आश्रम विद्यालयों से गुजरने के बाद ‘मिशन शिखर’ कार्यक्रम शुरू किया. ठाकरे ने आश्रम विद्यालयों के शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण और कार्यशालाएं भी शुरू की थीं. उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्र पढ़ाई में बहुत अच्छे होते हैं, लेकिन उन्हें सही मंच नहीं मिलता है और 2021 में शुरू हुआ ‘मिशन शिखर’ वह मंच है. (प्रतिकात्मक तस्वीर)
Author: Jagran Times
Post Views: 28






