आपके शहर से (चूरू)

जलेबी चोरी के एक मजाक ने बदल दिया सेठ उसके परिवार का नाम, जानिए जलेबी चौराहे की दिलचस्प कहानी

लहसुन का उत्पादन हुआ कम, डिमांड के चलते बढ़ेंगे भाव, जानें जोधपुर में लहसुन के भाव

दौसा का यह कोचिंग संस्थान गरीब, अनाथ बच्चों को कराता है निशुल्क कोचिंग, यहां ऐसे करें सम्पर्क

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप बोर्ड: सीएम गहलोत ने दी गठन की मंजूरी, जानें कैसा होगा पूरा स्वरूप?

Job Alert : बेरोजगारों के लिए मौका, PMBI में कई पदों पर निकली भर्ती, इस तारीख से पहले करें आवेदन

जयपुर एयरपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर, अब 2 घंटे मिलेगी फ्री वाई-फाई, जानें कैसे करेगा काम

Dausa Crime News : पेड़ से बांधकर युवक की जमकर की मारपीट…फिर पिलाई पेशाब, मुकदमा हुआ दर्ज

राजस्थान के इस शहर में भी दिखेगा बिपरजॉय तूफान का असर, गर्मी से मिलेगी राहत

राजस्थान: रोड़ सेफ्टी टास्क फोर्स का होगा गठन, 3 वर्ष का रहेगा कार्यकाल, ये अधिकारी होंगे शामिल

बाड़मेर में चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ को लेकर अलर्ट, इन स्थानों पर कंट्रोल रूम स्थापित
नरेश पारीक/ चूरू. राजस्थान के चूरू में एक व्यक्ति ऐसा है, जो कि पिछले करीब 46 वर्षो से निःशुल्क हरी सब्जियों के बीज बांट रहा है औ अब तक लाखों रुपए के 10 क्विंटल से भी अधिक बीज बांट चुका है. इस शख्स का नाम है रामेश्वर प्रजापत. एक साधारण से किसान परिवार में जन्मे रामेश्वर प्रजापत का इसके पीछे का उद्देश्य जान प्रजापत को आप भी सलाम करेंगे.
रास्ते में जो भी हाय-हैलो करता है उसे देते हैं बीज
60 वर्षीय रामेश्वर प्रजापत पिछले 46 सालों से अपने साथ बीज के पैकेट रखते हैं. उनसे रास्ते में जो भी हॉय, हैलो करता है प्रजापत उसे वह बीज का पैकेट निःशुल्क दे देते हैं. आज प्रजापत का यही शौक उनकी जिले में अलग पहचान बनाता है. रामेश्वर प्रजापत बताते हैं उन्होंने 46 वर्ष पहले हर खेत खेजड़ी तोरई अभियान चलाया था, जिसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और अंतिम छोर और अभावों में जी रहे व्यक्ति के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है.
कमजोर लोगों की मदद करना उद्देश्य
प्रजापत कहते हैं जीवन में छोटी-छोटी बाते ही इंसान को बड़ा बनाती है वह बताते हैं थार का द्वार कहे जाने वाले चूरू के किसान वर्षा आधारित फसल पर ही निर्भर है. ऐसे में उनका यह अभियान हर खेत खेजड़ी और तोरई शुरू किया गया हैताकि कम पानी और खाद में भी ये पेड़ और बेल किसान खेत मे लगाए और तोरई का स्वयं घर पर हरी सब्जी में उपयोग ले. बल्कि उसके बीज भी वह बेच सकता है, जिनके बाजार में भाव दो हजार रुपए किलो हैं. प्रजापत बताते हैं आज मजदूर वर्ग के लिए बाहर से सब्जी खरीदकर लाना काफी मुश्किल है. ऐसे में उनका यह अभियान न सिर्फ लोगो को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रहा है बल्कि अभावों में जी रहे व्यक्ति को आर्थिक रूप से सबल भी दे रहा है.
अपने घर भी उगाते हैं सब्जियां
रामेश्वर प्रजापत बताते हैं उनके द्वारा घर पर ही चकुंदर,आरिया,परवल,सेम्फली,घुनरी,सहजना, तोरईगिल-गिल, लोकी, भिंडी, मोबिया चवला की सब्जियां लगाई जाती है और घर पर उपयोग लिया जा रहा है. यही नही लोग आज प्रजापत द्वारा किए गए नवाचारों को उनके यहां देखने भी आते हैं और उनसे सलाह ले स्वयं भी नवाचार कर रहे हैं.
एक पैकेट में होते हैं दर्जनों किस्म के बीज
प्रजापत द्वारा निःशुल्क किए जा रहे इस बीज पैकेट में एक नही बल्कि दर्जनों किस्मो के बीज होते हैं. उनके द्वारा वितरण किए जा रहे इन बीज के किट को उनके द्वारा घर पर ही तैयार किया जाता है. जिसमे उनके परिजन उनके इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं.
.
Tags: Hindi news, Local18, Rajasthan news
FIRST PUBLISHED : June 13, 2023, 17:46 IST






