Famous Mango: पलामू के इस बाग में 8 प्रजाति के आम, मिठास ऐसी कि दिल्ली तक है डिमांड

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शशिकांत ओझा/पलामू. पलामू के चैनपुर अंतर्गत चेड़ाबार के आदिवासी किसान के चंदन बगान के आम जिले भर में प्रसिद्ध हैं. गर्मी के दिनों में आम की मांग बाजारों में बढ़ने लगती है. वहीं आम तैयार होते ही लोग चंदन बगान में पहुंचने लगते हैं. इस वर्ष जलस्तर नीचे जाने की वजह से किसान बेहद परेशान हैं. पिछले वर्ष इस बगान से 10 लाख रुपये के आम की बिक्री हुई थी. इस वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा 40 प्रतिशत कम फसल तैयार हुई है. फिर भी आम लेने लोग दूर दूर से आ रहे हैं.

चेड़ाबार निवासी आदिवासी किसान तारकेश्वर सिंह चेरो ने इस बागान को वर्ष 2011 में शुरू किया था, जहां आम के पेड़ लगाना उन्होंने शुरू किए. बताया कि 12 वर्ष पहले 7.5 एकड़ बंजर जमीन को उपजाऊ बनाना शुरू किया. सीमित संसाधन के साथ बाहर से आम के पौधे लाकर फसल तैयार की. सरकार द्वारा आश्वासन के अलावा कोई सहयोग नहीं मिला. कई प्रयासों के बाद भी कोई पहल नहीं हुई. अगर अब भी सहायता मिले तो किसानों को नए तरीके से लाभ कमाने की प्रेरणा दे सकते हैं.

एक आम 100 पुत्र के बराबर
तारकेश्वर सिंह चेरो ने बताया की मैंने पढ़ा है कि एक आम 100 पुत्र के बराबर है. इसी उद्देश्य से मैंने आम के वृक्ष लगाना शुरू किए. आज 400 से अधिक आम के वृक्ष इस बागान में हैं. आठ प्रजातियों के आम इस बगान में मौजूद हैं. दूर-दूर से लोग यहां आम खरीदने आते हैं. यहां के लोग दिल्ली तक अपने परिजनों को आम भेजते हैं. कहते हैं कि ऐसा आम कहीं नहीं मिलता. इसके पीछे उन्होंने बताया की बगान में बिल्कुल भी रासायनिक प्रयोग नहीं करते हैं. पूरे ऑर्गेनिक पद्धति और गाय के गोबर का प्रयोग करते हैं. तारकेश्वर सिंह चेरो पूरी तरह इस बयान पर आश्रित हैं. किसान के 5 परिवार मिलकर बागान की देखरेख करते हैं.

चंदन बागान के नाम से प्रसिद्ध है बाग
इस बगान का नाम चंदन बगान इसलिए है, क्योंकि उनके पूर्वज का नाम चंदन सिंह चेरो था. उन्हीं के नाम पर इस बागान का नाम चंदन बागान रखा गया है. इस बागान में आम के 400 से अधिक पेड़ हैं. इसके अलावा शीशम के 1600, सागौन के 1500, गम्हार के 700 पेड़ के अलावा अन्य पेड़ मौजूद हैं. इस बागान में आम्रपाली, राजेंद्र, बंबइया, मल्लिका, लंगड़ा, दूधिया लंगड़ा समेत आठ प्रजातियों के आम मौजूद हैं. उन्होंने कहा की इस साल 600 क्विंटल आम तैयार हुए हैं. वहीं पिछले वर्ष 1000 क्विंटल से अधिक आम तैयार हुए थे.

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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