
अनंत कुमार/गुमला. आम लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाऐं बेहतर करने लिए सरकार कई योजनाएं ला रही है. इसी कड़ी में गुमला सदर अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट और एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला के निर्माण का निर्णय लिया गया है. साथ ही यहां तरल चिकित्सा ऑक्सीजन संयंत्र की भी स्थापना की जाएगी. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंजूरी मिल गई है.
सिविल सर्जन राजू कच्छप ने बताया कि सदर अस्पताल के नजदीक क्रिटिकल केयर यूनिट बनाया जाएगा. इसके लिए जमीन देखा जा रहा है. जल्दी ही इसका काम शुरू हो जाएगी. यहां इसकी बहुत जरूरत है. क्रिटिकल केयर यूनिट बन जाने से गंभीर रोग के मरीजों की जान बचाना आसान हो जाएगा. क्रिटिकल केयर यूनिट में आईसीयू, वैंटिलेटर आदि मशीनों से लैस होगा. जहां गंभीर मरीजों का इलाज संभव हो सकेगा. अभी गंभीर रोग के मरीजों को रांची रेफर करना पड़ता है. 1.25 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण होना है.
एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला का लाभ
सिविल सर्जन ने कहा कि सदर अस्पताल में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला व तरल चिकित्सा ऑक्सीजन संयंत्रभी लगना हैएकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला के बनने से गुमला वासियों को को कई तरह की चिकित्सकीय जांच की सुविधा मिलेगी. यहां सेमी एनालाइजर व सीबीसी मशीन लगाई जाएगी. जिससे केएफटी व एलएफटी जैसे जांच भी हो सकेंगे.
ऑक्सीजन प्लांट लगने से रिफिलिंग होगा आसान
सिविल सर्जन ने कहा कि कोविड काल में सदर अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित की गई है. लेकिन यहां रिफिलिंग की व्यवस्था नहीं है. सदर अस्पताल में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगने से रिफिलिंग में सुविधा होगी. फिलहाल इसके लिए रांची पर निर्भर हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 13, 2023, 23:34 IST






