
सृजित अवस्थी/पीलीभीत. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत शहर को बांसुरी नगरी के नाम से जाना जाता है. बांसुरी श्रीकृष्ण की प्रिय थी. ऐसे में पीलीभीत का वृंदावन से सदियों पुराना नाता है. 23 जून से पीलीभीत में वृंदावन महोत्सव मनाया जाएगा. इस दौरान वृंदावन में विराजमान ठाकुर जी के स्वरूपों के दर्शन लोगों को मिलेंगे.पीलीभीत शहर में सदियों से बांसुरी कारीगरी की जा रही है. ऐसे में पीलीभीत शहर को भी सूक्ष्म ब्रज की संज्ञा दी जाती है.
अगर आप भी श्री कृष्ण के भक्त हैं और किन्हीं कारणों से वृंदावन नहीं पहुंच पा रहे हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. वृंदावन में विराजमान ठाकुर जी के तमाम स्वरूपों के दर्शन लाभ का मौका आपको जल्द मिलने वाला है. बांसुरी नगरी पीलीभीत में 23 जून से लेकर 30 जून तक वृंदावन महोत्सव मनाया जाएगा.पूरे आयोजन पर अधिक जानकारी देते हुए राधा माधव संकीर्तन मंडल के अभिषेक पटेल गोल्डी ने बताया कि यह महोत्सव 30 जून तक शाम 7 से 10 तक शहर में स्थित अग्रवाल सभा ग्राउंड में आयोजित होगा.महोत्सव के दौरान वृंदावन में विराजमान ठाकुरजी के के स्वरूपों की पूजा अर्चना, कीर्तन किया जाएगा. वहीं ब्रज से आने वाले रसिक ब्रज की लीला और ब्रज रस के बारे में लोगों को बताएंगे.
मनोकामना पूर्ण होने पर हुआ था मंदिर का निर्माण
अगर आप वृंदावन नहीं जा पा रहे हैं और राधारमण जी के दर्शन करना चाहते हैं. तो आप पीलीभीत के चौक बाज़ार स्थित राधारमण मंदिर में पहुंचकर दर्शन लाभ ले सकते हैं. इस मंदिर का निर्माण पीलीभीत के तत्कालीन राजा लालता प्रसाद और हरि प्रसाद ने बनाया था. ऐसा माना जाता है कि राजाओं ने कुछ मनोकामना मांगी थी और उनकी आस्था राधारमण में बहुत अधिक थी. मनोकामना के पूर्ण होने के बाद उन्होंने इस मंदिर की स्थापना की थी. मन्दिर में लगे शिलालेख के अनुसार इसका निर्माण संवत 1853 ( सन 1796 ) में हुआ था.
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FIRST PUBLISHED : June 13, 2023, 21:52 IST






