फास्टिंग ब्लड शुगर 120 mg/dL को कर गया है पार, इस बेशकीमती काले फल के साथ-साथ पत्तियों का भी करें सेवन, धड़ाम से नीचे होगा डायबिटीज


हाइलाइट्स

जामुन के पत्ते को सुबह-सुबह चबाने से ब्लड शुगर अचानक बढ़ने का जोखिम कम हो जाएगा.
जामुन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम होता है और यह एंटी-डायबेटिक होता है.

Jamun Leaves Control Blood Sugar: जब हमारा जीवन शिथिल हो जाता है. हम कम मेहनत करते हैं और ज्यादा अनाप-शनाप खाते हैं तब डायबिटीज की बीमारी होती है. दरअसल, जब हम कुछ खाते हैं तो इसमें कार्बोहाइड्रैट रहता है. कार्बोहाइड्रैट यानी मीठी चीजें यानी शुगर. पेट में कार्बोहाइड्रैट पचाकर ग्लूकोज बन जाता है. ग्लूकोज से ऊर्जा बनती है जिसका हम सभी कामों में इस्तेमाल करते हैं. जब खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है तो डायबिटीज की बीमारी होती है. सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि ब्लड शुगर बढ़ता ही क्यों है. खून में जब भी ग्लूकोज की मात्रा बढ़ती है तो पैनक्रियाज नाम की एक ग्रंथि से इंसुलिन हार्मोन निकलता है.

यह इंसुलिन ग्लूकोज की मात्रा को कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है. जब ग्लूकोज कोशिकाओं तक पहुंच जाता है तो इसका इस्तेमाल शरीर में ऊर्जा बनाने में होता है. टाइप 2 डायबिटीज में ग्लूकोज कोशिकाओं तक पहुंचता ही नहीं और यह खून में जमा होने लगता है. इससे शरीर की सभी नसों तक इसका असर होता है. आयुर्वेद में कई चीजों से इंसुलिन को बढ़ाने का प्रयास किया जाता है. पर अब इन्हीं औषधीय चीजों को विज्ञान भी साबित करने लगा है.

रिसर्च में सामने आई यह बात
एनसीबीआई यानी अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसीन ने भारत में पाए जाने वाले जामुन के औषधीय गुणों पर रिसर्च की है. इस रिसर्च में जामुन में कमाल के एंटी-डायबेटिक गुण पाया गया है. रिसर्च के मुताबिक जामुन ही नहीं, जामुन के पत्ते और जामुन की गुठलियां भी हर तरह के मेटाबोलिक डिजीज में इस्तेमाल किया जा सकता है. अध्ययन के मुताबिक जामुन में कई तरह के बायोएक्टिव कंपाउड जैसे कि फ्लेवेनोएड, पोलीफेनॉल, एंटीऑक्सीडेंट्स, आयरन और विटामिन सी पाया जाता है. आयुर्वेद में सदियों से जामुन से कई तरह की बीमारियों का इलाज किया जाता रहा है. जामुन के औषधीय गुणों को देखते हुए आजकल बाजार में जामुन से बनी दवाइयां और कई अन्य प्रोडक्ट्स बनने लगे हैं. अध्ययन में पाया गया है कि जामुन मेटाबोलिक सिंड्रोम को कंट्रोल करने में बहुत औषधीय गुणों से भरपूर है. इतना ही नहीं, जामुन डायबिटीज के अलावा हाई ब्लड प्रेशर और मोटापा में भी रामबाण साबित हो सकता है.

जामुन के पत्ते और गुठलियां भी रामबाण
अध्ययन में पाया गया कि जामुन एंटी-डायबेटिक, एंटी-डायरिएल, एंटी-इंफ्लामेटरी, रेडियोप्रोटेक्टिव, गैस्ट्रोप्रोडक्टिव, एंटी-एलर्जिक, एंटी-कैंसर और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर है. जामुन हार्ट हेल्थ की रक्षा भी करता है. इसके अलावा जामुन में कई तरह के केमिकल पाए जाते हैं जो हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद है. अध्ययन में कहा गया है कि जिन लोगों को डायबिटीज है वह जामुन और जामुन के पत्ते का सेवन कर सकते हैं. जामुन के पत्ते को सुबह-सुबह चबाने से ब्लड शुगर अचानक बढ़ने का जोखिम कम हो जाएगा. जामुन कार्बोहाइड्रैट को बहुत जल्दी एनर्जी में बदल देता है जिससे ब्लड शुगर को बढ़ने का मौका ही नहीं मिलता है. अध्ययन में कहा गया है कि चूंकि जामुन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम होता है, इसलिए गर्मी के दिनों में डायबिटीज मरीज इसका जरूर सेवन करें. अध्ययन में यह भी पाया गया कि जामुन, जामुन की छाल और जामुन के पत्ते, तीनों डायबिटीज मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है.

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Tags: Diabetes, Health, Health tips, Lifestyle

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Author: Jagran Times

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