
धीरेन्द्र चौधरी/रोहतक: धरती पर डॉक्टर को भगवान का रूप माना जाता है. डॉक्टर लोगों को जीवनदान देते हैं, लेकिन वर्तमान में देखा जाए तो इलाज बहुत महंगा हो गया है. पैसा, इलाज और मरीज़ के बीच बड़ा फासला पैदा कर देता है. कुछ लोगों की तो पैसों की कमी के कारण बिना इलाज के मौत भी हो जाती है.
लेकिन कुछ डॉक्टर्स ऐसे भी हैं, जो पैसों को इलाज के आड़े नहीं आने देते और अपने जीवन को मानवता की सेवा मानकर लोगों का फ्री में इलाज करते हैं. आज हम आपको ऐसी शख्सियत से रूबरू कराएंगे, जो लाखों रुपए की नौकरी को ठुकरा कर गरीबों का मुफ्त में इलाज कर रहे हैं.
रिटायर्ड सर्जन लगाते हैं फ्री OPD
रोहतक के किशनपुरा में हर मंगलवार और शुक्रवार को फ्री ओपीडी लगती है. मरीजों का इलाज करने और सलाह देने वाले डॉ. आरएस दहिया पीजीआई के रिटायर्ड सर्जन हैं. उन्होंने 2014 में पीजीआई से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली थी. डॉ. दहिया अपने दो डॉक्टर साथियों के साथ पहले दोपहर तक किशनपुरा में ओपीडी लगाते हैं, उसके बाद हुमायूंपुर गांव में लोगों की स्वास्थ्य जांच करते हैं. इसके लिए वे किसी से कोई फीस नहीं लेते.
9 साल से चला रहे फ्री OPD
रिटायर्ड होने के बाद भी डॉ. दहिया के पास निजी हॉस्पिटल के ऑफर आए कि वे उनके यहां ज्वाइन कर लें, भारी भरकम वेतन देंगे, लेकिन डॉ. दहिया ने सबको न कर दी. उनका कहना है कि मेरा उद्देश्य गरीबों को मुफ्त इलाज मुहैया कराना है, पैसा कमाना नहीं. वह चाहते हैं कि सरकारें स्वास्थ्य को भी मिशन बनाएं और हर व्यक्ति को इसका लाभ मिले. यही सोचकर वह 9 साल से ओपीडी कर रहे हैं, जिसमें प्रदेशभर से लोग इलाज और सलाह के लिए आते हैं. वहीं , स्वास्थ्य विभाग से ही रिटायर्ड आजाद सिंह भी इस काम में उनकी मदद कर रहे हैं, जो फार्मासिस्ट का काम करते हैं.
भगवान का स्वरूप
मरीजों का कहना है कि यह सिर्फ एक डॉक्टर नहीं बल्कि भगवान का रूप हैं. इलाज भी मुफ्त करते हैं और दवाइयां भी अपने पास से ही देते हैं. आज के समय में ऐसा डॉक्टर मिलना असंभव है. डॉ दहिया डॉक्टरी पेशे को सेवा का पेशा साबित कर समाज में बड़ा योगदान दे रहे हैं. तभी डॉक्टर भगवान का रूप कहलाते हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 13, 2023, 18:34 IST






