हाइलाइट्स
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप बोर्ड अपडेट
बोर्ड में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 7 अन्य सदस्य होंगे
बोर्ड का उद्देश्य नई पीढ़ी को महाराणा प्रताप के महान चरित्र का अनुगामी बनाना है
जयपुर. राजस्थान में विधानसभा चुनावों (Rajasthan Assembly Election) से पहले विभिन्न बोर्डों के गठन की प्रक्रिया जारी है. सीएम अशोक गहलोत ने बीते 22 मई को उदयपुर में महाराणा प्रताप की 483वीं जयंती पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप बोर्ड (Veer Shiromani Maharana Pratap Board) के गठन की घोषणा की थी. महज 20 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को बोर्ड के गठन को मंजूरी दे दी है. इस बोर्ड के गठन के पीछे गहलोत सरकार की मंशा है कि महाराणा प्रताप की प्रतिबद्धता, देशभक्ति, दानशीलता, जनसेवा और कर्तव्य परायणता का संदेश जन-जन तक पहुंचे. वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप बोर्ड इस दिशा में काम करेगा.
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप बोर्ड में सरकारी कर्मचारियों के अलावा नियुक्तियां होंगी. वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप बोर्ड में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 7 अन्य सदस्य होंगे. इसके अलावा बोर्ड के कामकाज को करने के लिए सचिव एवं कार्यकारी स्टाफ अलग से होगा. इस बोर्ड के गठन का उद्देश्य नई पीढ़ी को महाराणा प्रताप के महान चरित्र का अनुगामी बनाना है.
यह रहेगा मुख्य रूप से बोर्ड का कार्य
बोर्ड का कार्य महाराणा प्रताप पर आधारित पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण, नव-निर्माण, भारत की विभिन्न भाषाओं में रचित प्राचीन साहित्य के संकलन, संरक्षण, शोध, प्रकाशन एवं प्रचार-प्रसार, संबंधित पाठ्यक्रम सामग्री का निर्धारण-समावेशन करना है. इसके साथ ही उनके नाम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों की शुरूआत करना भी है. महाराणा प्रताप पर आधारित मेलों, प्रदर्शनी, समारोह, सम्मेलन, फिल्मों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, संगोष्ठियों तथा कवि सम्मेलनों का आयोजन करना एवं देश-विदेश में उनके विचारों का प्रचार-प्रसार का कार्य भी बोर्ड की ओर से किया जाएगा.
आपके शहर से (जयपुर)

Railway: राजस्थान में बिछाएगा नई रेलवे लाइनों का जाल, 15 रूट का सर्वे हुआ पूरा, नए रेलवे स्टेशन बनेंगे

Agriculture News: खरीफ की बुवाई शुरु, जानें पैदावार के लिए किस महीने में कौन सी अच्छी रहेगी किस्में

OMG: गिनीज बुक में दर्ज है कोटा के इस पेंटर का नाम, विदेशों में भी है मशहूर, बनाता है इस शैली की पेंटिंग

Churu : 46 साल से यह शख्स मुफ्त में बांट रहा है हरी सब्जियों के बीज, यह है उदेश्य

नागौर में यहां मात्र 50 रुपए में मिलती है दाल बाटी, स्वाद ऐसा कि विदेशी पर्यटक भी हैं इसके दीवाने

इस ढाबे की अमृतसरी नान थाली के दीवाने हैं लोग, लॉकडाउन में गई थी 27 साल की नौकरी

जलेबी चोरी के एक मजाक ने बदल दिया सेठ उसके परिवार का नाम, जानिए जलेबी चौराहे की दिलचस्प कहानी

फ्लेवर्ड हुक्का पीने वाले, सावधान! लगातार सेवन से कैंसर का ख़तरा, जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

भीलवाड़ा का यह खिलाड़ी बच्चों को सीखा रहा फुटबॉल, 5 सालों से बच्चों को दे रहा निशुल्क प्रशिक्षण

राजस्थान: पायलट के मुद्दे पर बीजेपी का गदर, सचिवालय पर जबर्दस्त प्रदर्शन, पेपर लीक केस और गरमाया

बेजुबानों का सहारा बनी उदयपुर की यह महिला, अपने घर को बनाया स्ट्रीट डॉग्स का शेल्टर होम
इतिहास संरक्षण में कारगर साबित हो सकता है मेवाड़ कॉम्प्लेक्स
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने उदयपुर दौरे के दौरान कहा था कि जब वे केन्द्रीय मंत्री रहे थे तब मेवाड़ कॉम्पलेक्स की घोषणा की गई थी. इसके तहत महाराणा प्रताप से जुड़े सभी स्थलों का पर्यटन की दृष्टि से विकास शुरू हुआ. देशी-विदेशी पर्यटकों को इन स्थानों पर गौरवशाली इतिहास की जानकारी प्राप्त हो सके इसके प्रयास किए गए. सीएम गहलोत ने कहा कि मेवाड़ कॉम्पलेक्स को प्रभावी बनाया जाए तो यह इतिहास के संरक्षण में कारगर साबित होगा. गहलोत ने चित्तौड़गढ़ सांसद से आग्रह किया कि वे केन्द्र सरकार से कॉम्पलेक्स से संबंधित पुरानी फाइलों को पुनः निकलवाएं और इसी के तहत विकास कार्य सम्पादित करवाएं. गहलोत ने इस दौरान कहा कि वे स्वयं भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इसका आग्रह करेंगे.
.
Tags: Ashok gehlot news, Jaipur news, Maharana Pratap, Rajasthan news
FIRST PUBLISHED : June 13, 2023, 18:05 IST






