
पटना. बिहार पुलिस का एक बेहतरीन और संवेदनशील चेहरा सामने आया है. यहां एक युवती की बीमारी से मौत के 36 घंटे तक समाज ने शव को उठाने की जहमत नहीं उठाई तो पुलिस सूचना पर पहुंची और शव को कंधा देने के साथ उसका दाह संस्कार कर बता दिया को पुलिस हमेशा आपके साथ है. बताया जाता है कि मनेर के रसूलपुर 40 हजारी मोहल्ले की रहने वाली मृतका का नाम मनीषा कुमारी है जिसकी बीमारी के कारण घर में ही मौत हो गई लेकिन उसे आस पड़ोस के लोग देखने तक नहीं गए. इसका कारण यह है कि कोरोना काल में मनीषा कुमारी के माता-पिता के साथ चार भाई बहनों की कोरोना से मौत हो गई थी.
इसके बाद आसपास के लोगों ने यह समझ लिया कि इसके आसपास जो सटेगा उसकी भी कोरोना से मौत हो जाएगी. यही वजह है कि मनीषा को मौत के बाद भी कोई छूने नहीं आया. मनीषा की एक 13 वर्षीय बहन बची है. घर में कोई कमाने वाले नहीं रहने की वजह से उसकी भी हालत गरीबी की वजह से खराब है. मृतका 6 भाई बहन थी जिसमें से चार भाई बहन की पहले मौत कोरोना से हो गई थी और माता-पिता भी उसी दौरान कोरोना के कारण गुजर गए थे. अब मनीषा और उसकी बहन बची थी और मनीषा भी बीमार चल रही थी, ऐसे में किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया कि मनीषा की तबीयत खराब हुई और उसकी भी मौत हो गई, जिसके बाद आसपास के लोगों में यह अफवाह फैल गई कि इसके पास जो सटेगा वह भी मर जाएगा.
यही कारण है कि मृत्यु मनीषा का भी कोई छूने नहीं गया. पुलिस को सूचना हुई तो मनेर थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने पुलिस बल के साथ टीम भेजा और अपनी वर्दी में ही उसके शव को हिंदू रीति रिवाज से सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कांधा देकर घाट पर पहुंचाया और अंतिम संस्कार किया है. पुलिस की मानवता वाली यह तस्वीर सभी के दिलों को छू रही है और पुलिसवालों के काम की प्रशंसा हो रही है.






