
मोहित शर्मा/करौली. बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिनका शिक्षा से नाता भले ही दूर-दूर तक ना हों. लेकिन वह अपने तेजतर्रार दिमाग से कुछ ऐसा बड़ा कर दिखाते हैकि उनके आगे पढ़े लिखे लोग भी फेल हो जाते हैं. कुछ ऐसा ही बड़ा अपनेज्ञान से कर दिखाया है. राजस्थान के करौली के पांचवीं पास गुड्डू सैनी ने.
पुरे करौली शहर में अपने बेहतरीन गन्ने के रस के लिए मशहूर गुड्डू ने अपने हाथों से देसी जुगाड़ करके डस्टबिन में टेंपो की बैटरी लगाकर एक अनोखा कूलर 5 दिन में तैयार किया है. जो आज ना केवल गन्ने की रस की जुगाड़ पर गुड्डू को गर्मी से राहत दे रहा है. बल्कि देसी अंदाज में तैयार किया गया यह कूलर रस पीने आए लोगों के लिए भी खुले आसमान के नीचे ठंडी हवा देने के साथ आकर्षण का केंद्र भीहै.
DC पंप और DC मोटर से बनाया यह कूलर
अपनेज्ञान और देसी जुगाड़ से इस कूलर को बनाने वाले पांचवीं पास गुड्डू सैनी ने बताया \”उन्हें अपने गन्ने के रस के देसी जुगाड़ पर डीसी कुलर की आवश्यकता थी. लेकिन मार्केट में डीसी कूलर नहीं मिलने के कारण फिर उन्होंने डस्टबिन की कटिंग करके उसी डस्टबिन में डीसी मोटर और डीसी पंप लगाकर यह कूलर हाथों से तैयार किया है.\”
कबाड़े से सामान लाकर 5 दिन में किया कूलर तैयार
नगर परिषद के डस्टबिन में कूलर बनाने वाले गुड्डू सैनी का कहना है कि मुझे इसे पूरी तरह से तैयार करने में 5 से 7 दिन का समय लग गया था. पहले इस कूलर को बनाने के लिए मैंने कबाड़े से सामान ढूंढा. फिर उस सामान को डस्टबिन में सेट करके यह DC कूलर तैयार किया है. उनका कहना है कि मैंने यह कूलर इसी सीजन में तैयार किया था. इससे पहले मैंने प्लास्टिक की बाल्टी में कूलर बनाकर प्रैक्टिकल किया था. जिसके सक्सेस होने के बाद अब मैंने डस्टबिन में बड़ा कूलर बनाया है.
टेंपो की 12 वोल्ट की बैटरी से चलता है यह कूलर
गुड्डू के अनुसार यह कूलर उनके देसी गन्ने के जुगाड़ पर खुले आसमान के नीचे टेंपो की 12 वोल्ट की बैटरी से चलता है. गुड्डू का कहना है कि मैंने यह बैटरी वाला कूलर खासतौर से अपनी चलती फिरती गन्ने की मशीन के लिए तैयार किया है. गन्ने की मशीन पर दिनभर मुझे और मेरे ग्राहकों को गर्मी से परेशानी के चलते मैंने अपने ही दिमाग और देसी जुगाड़ से यह कूलर तैयार किया है. आज लोग ठंडी हवा खाकर काफी तारीफ भी कर रहे हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 13, 2023, 15:28 IST






