World Day against Child Labour : बाल श्रम के खिलाफ यहां करें शिकायत, CRY ने लॉन्च किया कैंपेन

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World Day against Child Labour : विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के मौके पर आज 12 जून को एनजीओ चाइल्ड राइट एंड यू (CRY) ने एक नेशनल कैंपेन लॉन्च किया है. इस कैंपेन का मकसद बाल श्रम को लेकर लोगों की मानसिकता बदलना है. क्राई ने लोगों ने इसके खिलाफ खड़े होने की अपील की है. यह कैंपेन एक महीने चलेगा. क्राई के नॉर्थ रीजन की डायरेक्टर सोहा मोइत्रा ने कहा कि बच्चों का किसी भी प्रकार के कॉमर्शियल काम में शामिल होना उनका बचपन छीन लेता है. यह उन्हें वयस्कों की जिम्मेदारियां ढोने पर विवश करता है. जो उन्हें पढ़ाई के साथ खेलों से भी वंचित कर देता है.

सोहा मोइत्रा ने कहा कि ज्यादातर बार लोगों को लगता है कि गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों का काम करना ठीक है. वे भुखमरी और गरीबी से लड़ने में अपने परिवार की मदद कर रहे हैं. इस मानसिकता को बदलने के लिए क्राई ने कैंपेन शुरू किया है. इस कैंपेन के जरिए लोगों से अपील है कि बच्चों को नौकरी देकर उनकी मदद न करें. इसकी बजाए उन्हें पढ़ने, खेलने और बचपन जीने के मौके दें.

बाल श्रम का पता चले तो यहां दें जानकारी

सोहा मोइत्रा ने आगे कहा कि बाल श्रम को लेकर समाज की मानसिकता समझने के लिए क्राई ने रैपिड असेसमेंट सर्वे किया था. जिसमें 79% लोगों ने कहा कि उन्हें कहीं बाल श्रम की जानकारी मिलती है तो वे अथॉरिटी या एनजीओ से संपर्क करेंगे. जबकि 17 फीसदी इस बात को लेकर अनिश्चित थे कि बाल श्रम का पता चलने पर क्या करना चाहिए. मोइत्रा ने कहा, हम चाहते हैं कि लोग आसपास हो रहे बाल श्रम के खिलाफ स्टैंड लें और pencil.gov.in पर या 1098 पर कॉल करके रिपोर्ट करें.

45 फीसदी को बाल श्रम लगता है जायज

क्राई ने साल 2022 में एक रैपिड असेसमेंट सर्वे किया था. जिसमें शामिल लोगों में से 45% को बाल श्रम जायज लगा. उनका मानना है कि बच्चों को अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए काम करना चाहिए. वहीं 23 फीसदी लोग इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि श्रम करने वाले बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा काफी अधिक होता है. जबकि 31 फीसदी लोगों को बाल श्रम पर रोक लगाने संबंधी किसी कानून की जानकारी नहीं है.

Tags: Child Rights, Labour Law, Labour laws, National News

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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