150 साल पुराने इस पाटे को देखने देश-विदेश से बीकानेर आते हैं पर्यटक, जानिए क्या है इसकी खासियत

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निखिल स्वामी/ बीकानेर. बीकानेर अपनी कला संस्कृति के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है. यहां की पाटा संस्कृति पूरे विश्व में अपनी पहचान रखती है. बीकानेर शहर के परकोटे में हर चौक में यह पाटे देखने को मिल जाएंगे. कहीं चार तो कही सात पैरों के पाटे आपको देखने के लिए मिल जाएंगे. बीकानेर में एक ऐसा पाटा है जो चार या सात नही बल्कि नौ पैरो का पाटा है. हम बात कर रहे हैं बीकानेर के दसानियों के मोहल्ले स्थित पाटे की. यह पाटा बीकानेर का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा पैरो का पाटा है. इस पाटे पर बैठकर लोग सुबह और शाम गपशप करते हैं.

मोहल्ले के निवासी देवेंद्र कुमार दासानी ने बताया कि यह पाटा लगभग 150 साल पुराना है. पाटे पर सभी वर्ग के लोग बैठते है. इस पाटे चार फुट ऊंचा और 12 से 14 फुट लंबा है. इस पाटे पर पहले लोग सुख दुख की बात करते थे. जब किसी के कोई समस्या होती थी तो आस पास पूछकर कुछ अमीर लोग उनकी सहायता करते थे. कुछ लोग कहते है की यह पाटा नौ पैरों का मतलब नौ ग्रह के हिसाब से बनाए गए है. यह पाटा सांगवान की लकड़ी से बना हुआ है. इस पाटे पर गर्मी को शाम होते ही लोग आना शुरू हो जाते है. यहां राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय मुद्दो पर बातचीत चलती है. इस पाटे पर एक साथ 25 लोग बैठ सकते है.

देवेंद्र ने बताया कि यह पाटा बीकानेर का बड़ा पाटा है इस वजह से देशी और विदेशी सैलानी देखने को आते हैं. इस चौक में दो से तीन पाटे है. जबकि नौ पैरो का पाटा चौक के बीचोबीच रखा हुआ है. जहां सभी लोग के घर दिख जाते है.

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FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 16:22 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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