
पीयूष शर्मा/मुरादाबाद. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जन्मजात विकार वाले बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है. हर महीने योजना के तहत 8 से 10 मामलों का समाधान कराया जा रहा है. इससे कटे होंठ तालू वाले बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन करा कर उन्हें नई जिंदगी दी जा रही है. भोजपुर के मजरा महेशपुर खेम निवासी ऋषि कांत के बेटे के कान का कानपुर मेहरोत्रा ईईएनटी फाउंडेशन की ओर से निशुल्क ऑपरेशन कराया गया.
वैभव के पिता बताते हैं कि ऑपरेशन से पहले उनके बेटा सुन नहीं पाता था. लेकिन आर्थिक कमजोरी के चलते इलाज करा पाना संभव नहीं हो पा रहा था. फिर भोजपुर के सरकारी अस्पताल में दिखाने पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने बताया कि इसके माध्यम से निशुल्क इलाज संभव है. अब टीम के सहयोग से सफल ऑपरेशन से बेटे को नया जीवन मिल गया है.
योजना के माध्यम से हुआ निशुल्क ऑपरेशन
डिलारी निवासी अहमद मजदूरी करते हैं. उनकी 8 माह की बेटी मायरा के कटे होंट से परिवार चिंतित था. निजी अस्पताल में इलाज में समर्थ ना होने से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे तो आरबीएसके की टीम ने योजना के माध्यम से निशुल्क ऑपरेशन कराया. उन्होंने टीम का आभार जताया इसके साथ ही मुंडा पांडे निवासी 10 माह के मोनू का भी इसी माह में कटे होंठ का सफल ऑपरेशन किया गया.
जन्मजात विकार से निजात संभव
डीईआइसी मैनेजर सगीर अहमद बताते हैं कि जन्मजात विकार वाले बच्चों को आरबीएसके की टीम आशा एएनएम या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की मदद से चिन्हित करते हैं. इसके बाद इन बच्चों के जन्मजात विकार को दूर करने का प्रयास किया जाता है.
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FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 15:18 IST








