
मो. सरफराज आलम/सहरसा. हर वर्ष मानसून आते ही कोसी नदी उफान पर होती है. ऐसे में कोसी नदी का कटाव भी तेज हो जाता है. वहीं, बाढ़ की मार हर वर्ष कोसीवासियों को झेलना पड़ता है. सहरसा जिले के भी 5 प्रखंडों के कई पंचायतों में बाढ़ का कहर देखने को मिलता है. ऐसे ही पंचायतों में महिषी प्रखंड का कुंदह गांव भी है. यहां हर साल बाढ़ के दौरान होने वालेकटाव के कारण खेतिहर जमीन सहित लोगों का आशियाना भी नदी में विलीन हो जाता है. लेकिन इस बार जल संसाधन विभाग पहले से मुस्तैद दिख रहा है.
4.17 करोड़ से हो रहा एंटीरोजन
संभावना है कि बिहार में मानसून 14-17 जून को प्रवेश कर जाए. इसे देखते हुए तो मानसून पूर्व जल संसाधन विभाग की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है, ताकि गांव को बचाया जा सके. खुद जल संसाधन विभाग के अधिकारी कोसी नदी के किनारे हो रहे कटावरोधी कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. इसकार्य की जिम्मेदारी कोलकाता के संवेदक गंगादीन साव एंड एसोसिएट को सौंपी गई है. इसके तहत महिषी प्रखंड के बलिया सिमर गांव में 1210 मीटर क्षेत्र में करीब चार करोड़ 17 लाख की लागत से एंटीरोजन कार्य किया जा रहा है.
किया जा रहा कतावरोधी कार्य
इस बाबत जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता मो. अफजल आलम की माने तो नदी के किनारे कटावरोधी कार्य किया जा रहा है. अब संभावना है किजो कटाव पहले होता था, अब नहीं होगा. गांव पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और कोसी नदी अपनी धारा में बहेगी. उन्होंने बताया कि कार्य जल्द से जल्द पूरा हो इसके लिए विभाग भी पूरी तरह से काम कर रहा है.
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FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 14:50 IST








